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CM अमरिंदर सिंह ने बायोग्राफी में किए गए ये 6 बड़े खुलासे

Fri, 19 May 2017 09:28 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब के 26वें मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में अपनी बायोग्राफी रिलीज की, जिसमें उनकी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे किए गए हैं। आप भी जानिए।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
कैप्टन ने नई दिल्ली में सारागढ़ी युद्ध पर आधारित अपनी किताब ‘सारागढ़ी एंड दि डिफेंस ऑफ द समाना फोर्ट्स’ और बायोग्राफी 'कैप्टन अमरिंदर सिंह- दि पीपुल्स महाराजा' रिलीज की। बायोग्राफी के लेखक खुशवंत सिंह हैं। इसमें उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह की निजी जिंदगी और राजनीतिक जीवन से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं।
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कैप्टन अमरिंदर ​सिंह - फोटो : फाइल फोटो
रिलीज के बाद कैप्टन ने बताया कि दो साल पहले कांग्रेस हाईकमान से मतभेद के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी बनाने की सोची थी, लेकिन भाजपा में जाने के बारे में कभी विचार नहीं किया। एक अन्य सवाल पर कैप्टन ने कहा कि उन्होंने 21 खालिस्तानी आतंकियों को सरेंडर करवाने के लिए बात की थी, लेकिन छह महीने में उन्हें मार दिया गया। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से कभी बात नहीं की, क्योंकि उन्होंने धोखा दिया था।

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पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो
लेखक खुशवंत सिंह बताते हैं कि उन्होंने जीवनी में खुलासा किया है कि जब कांग्रेस ने अमृतसर से चुनाव लड़ने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह को कहा था, तब उन्होंने मना कर दिया था। लेकिन जब नई दिल्ली से पटियाला लौटते वक्त फोन पर सोनिया गांधी ने अमरिंदर सिंह से पूछा था, “क्या आप मेरे खातिर यह चुनाव लड़ेंगे?”तब अमरिंदर सिंह ने हामी भर दी थी।
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले प्रियंका गांधी ने भी कैप्टन से अनुरोध किया था, “अंकल, मैं चाहती हूं कि आप अमृतसर से चुनाव लड़ें।” प्रियंका ने तब अपने पिता स्वर्गीय राजीव गांधी और अमरिंदर सिंह की दोस्ती का भावुक याद दिलाई थी। इसके बाद अमरिंदर सिंह ने अमृतसर से न केवल लोकसभा चुनाव लड़ा बल्कि मोदी लहर में उनके खास रहे अरुम जेटली को हराया भी और कांग्रेस को मुस्कुराने का एक बेहतरीन मौका भी दिया।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस हाई कमान के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं। रैडिफ डॉट कॉम पर छपी खबर के मुताबिक, सितंबर 2015 के अंत में सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमरिंदर सिंह को न तो उचित सम्मान दिया और न ही बैठने को कहा था। इससे अमरिंदर सिंह काफी नाराज हुए थे।
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अमरिंदर सिंह - फोटो : SELF
उन दोनों नेताओं के बीच तब कुछ गरमा-गरमी हुई थी। तब सोनिया गांधी ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा था, ‘राहुल.. मत भूलो, तुम अपने दिवंगत पिता के दोस्त से बात कर रहे हो।’ इसके बाद राहुल गांधी का रुख बदल गया था। वो ठंडे पड़ गए थे। राहुल गांधी के इस रुख के बाद अमरिंदर सिंह ने नई पार्टी बनाने का मन लिया था, लेकिन फिर बाद में उन्होंने इसे टाल दिया।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह
गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह 16 मार्च को पंजाब के 26वें मुख्यमंत्री बने। यह दूसरा मौका है, जब उन्होंने पंजाब की बागडोर संभाली है। इससे पहले भी साल 2002 से 2007 तक वो मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यानी अमरिंदर सिंह की अगुवाई में कांग्रेस ने न सिर्फ दस साल बाद पंजाब में वापसी की है बल्कि मोदी लहर में कांग्रेस के लिए उम्मीदों की रोशनी भी जलाई है।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब विधान सभा चुनावों में 117 सीटों में से कांग्रेस ने 77 सीटें जीती हैं जबकि सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को करारी शिकस्त दी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह साल 2014 के लोकसभा चुनावों में भी भाजपा को शिकस्त दे चुके हैं। जब देश में मोदी लहर थी, तब कांग्रेस ने उन्हें अमृतसर सीट से उम्मीदवार बनाया था।
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