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एक ये 'कुलभूषण', 13 साल रहा सेना में और मौत मिली पाकिस्तान में

Thu, 18 May 2017 04:15 PM IST
amarujala.com- Written by: खुशबू गोयल
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पाकिस्तानी जेल में मारा गया किरपाल सिंह
देश में एक और 'कुलभूषण' था, जो 13 साल तक भारतीय सेना में रहा और उसे मौत पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में मिली। अब तस्वीरों में ही यादें हैं।
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पाक जेल में मारे गए किरपाल सिंह का शव भारत पहुंचा - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब के गुरदासपुर जिले के गांव मुस्तफाबाद सैंदा निवासी किरपाल सिंह 1991 में एकाएक घर से गायब हुआ और दोबारा लौटकर नहीं आया। भतीजे अश्वनी कुमार ने बताया कि उसके चाचा 13 साल तक सेना में रहे और घर आए फिर अकस्मात गायब हो गए। कुछ अर्से बाद उनका खत मिला था कि वह पाकिस्तान की जेल में है।
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किरपाल सिंह का शव भारत पहुंचा - फोटो : अमर उजाला
किरपाल को 1991 में पाकिस्तान के फैसलाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए बम धमाके का आरोपी बनाया गया था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिवार उसकी रिहाई की पैरवी नहीं कर सका। पाक अदालत ने 20 मई 2002 को भारतीय कैदी किरपाल को पांच बार मौत की सजा, 60 साल की कैद और 27 लाख जुर्माना किया।

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गुरदासपुर के किरपाल सिंह की पाक जेल में मौत - फोटो : amar ujala
अश्वनी बताते हैं कि दो महीने पहले उन्होंने खत भेजा था और खुद को सही-सलामत बताया था लेकिन मीडिया से खबर मिली की उनकी जेल में मौत हो गई। उन लोगों को उम्मीद थी कि वह लौटेंगे मगर उनके मरने की खबर आई है। सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी जेल में उनके भाई सरबजीत की तरह किरपाल सिंह की भी हत्या हुई है।
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गुरदासपुर के किरपाल सिंह की पाक जेल में मौत - फोटो : amar ujala
साल 2016 में उसका शव भारत आया। पहले लाहौर के जिन्ना हॉस्पिटल में पाकिस्तानी डॉक्टर ने उसका पोस्टमार्टम किया और फिर भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को इसे सौंपा। उनके पैतृक गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस दौरान  किरपाल सिंह के परिवार को एक करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया था।
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अटारी बार्डर पर पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी - फोटो : amarujala
मुआवजा-नौकरी का सरकारी ऐलान होते ही किरपाल के 7 दावेदार सामने आए। किरपाल के शव पर हक जताने किरपाल की पहली पत्नी कलानौर निवासी परमजीत कौर ने मीडिया के सामने दावा किया कि साल 1988 में उसकी शादी उस समय किरपाल सिंह से हुई थी, जब वे सेना में थे। शादी के दो साल बाद किरपाल अचानक गायब हो गए और उनके मां-बाप उसे तंग करने लगे। तंग आकर वह मायके गांव औजला लौट आईं।
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kirpal singh family - फोटो : file
उसके मां-बाप ने 1992 में उसकी शादी कलानौर के मंगल सिंह से करवा दी। जिससे उसके दो लड़के और एक बेटी है। अब मंगल सिंह की भी मौत हो चुकी है। अब तक उसे नहीं पता था कि किरपाल सिंह पाक जेल में बंद है और अब उसके पाक जेल में मरने की खबर उसे मिली है। उसका कहना है कि वह कोई मुआवजा नहीं चाहती उसे बस अपने पति किरपाल सिंह की लाश चाहिए ‌वह उसका अंतिम संस्कार करना चाहती है।
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किरपाल सिंह जासूसी के आरोप में बीते 25 साल से पाकिस्तान में कैद थे - फोटो : Huffingtonpost
किरपाल की पहली पत्नी परमजीत के अलावा किरपाल की मौत के दो दिन बाद उसके बड़े भाई रूपलाल सामने आए थे। उन्होंने बताया कि किरपाल सिंह के कुल 7 भाई बहन हैं, जिनमें 3 बहनें और 4 भाई हैं। किरपाल सहित तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। सिर्फ बड़ा भाई रूपलाल जिंदा है। इसी तरह बहनों में जगीर, कृष्णा और गुड्डो है। बाकी मर चुके दो भाइयों के बच्चे भी दावेदार थे।
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