प्रेस कॉन्फ्रेंस करते पीजीआई के चिकित्सक।
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यह धीरे-धीरे शरीर के सभी अंगों को खत्म कर देता है। जिस तरह से आतंकियों के स्लीपर सेल काम करते हैं, बिल्कुल उसी तरह से यह बीमारी शरीर के अंदर छिपकर नुकसान पहुंचाती रहती है। सीआरएच पेट स्कैन न सिर्फ बीमारी को पकड़ता है बल्कि शरीर को क्या नुकसान पहुंचा रहा है, उसके बारे में सटीक परिणाम देता है। डॉ. भडाडा के मुताबिक, यह एक हार्मोनल विकार है, जो कोर्टिसोल के अधिक उत्पादन से जुड़ा है। कोर्टिसोल शरीर की ओर से उत्पादित एक हार्मोन है, जो तनाव से लड़ने के लिए एक ग्रंथि का निर्माण करता है।