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देश में यहां से रहस्यमयी तरीके से गायब हो रहे लोग ! दिल्ली कनेक्शन आया सामने

Sat, 28 Dec 2019 01:49 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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देश का एक ऐसा जिला जहां से हर रोज लोग रहस्यमयी तरीके से गायब हो रहे हैं। औसतन एक दिन में तीन लोग लापता हो रहे हैं। जनवरी से अक्तूबर तक जिले के विभिन्न थानों में 808 लापता होने के मामले दर्ज किए गए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इनमें से 309 मामलों में पुलिस लापता लोगों का कोई सुराग भी नहीं लगा पाई। आइए जानते हैं पूरा मामला...

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सांकेतिक तस्वीर
हम बात कर रहे हैं हरियाणा के करनाल जिले की। यहां के विभिन्न थानों में जनवरी से अक्टूबर तक लापता होने के 808 मामले दर्ज किए गए हैं।खास बात यह है कि लापता होने वालों में महिलाएं अधिक हैं। इसमें पुलिस ने जो 499 मामले ट्रेस किये हैं, इनमें से अधिकतर मामलों में लापता व्यक्ति खुद ही घर वापस लौट आया है लेकिन पुलिस का इन मामलों में नाममात्र ही प्रयास होता है। इतना ही नहीं लापता व्यक्ति के बारे में पम्पलेट चस्पा करना, अखबार, न्यूज चैनल आदि पर उसकी जानकारी देने का काम भी परिजन ही करते हैं। पुलिस सिर्फ मामला दर्ज करने तक सीमित है। पिछले वर्ष की तुलना में लापता लोगों की संख्या भी कई गुणा है। पिछले वर्ष 146 मामले दर्ज किये गये थे।

- फोटो : फाइल फोटो

2019 में लापता होने वालों की संख्या

महीना  पुरुष महिलायें बच्चे
जनवरी 18 43 03
फरवरी 19 30 03
मार्च 35 30 03
अप्रैल 38 45 05
मई 48 38 03
जून 37 50 03
जुलाई 55 54 04
अगस्त 32 53 02
सितंबर 34 46 02
अक्तूबर 34 39 02
कुल 350 428 30

2018 में 142 मामले हुए दर्ज

आयु पुरूष ट्रेस महिलाएं ट्रेस
0-5 0 0 0 0
5-14 10 1 1 0
14-18 3 0 10 2
18-25 14 0 27 2
25-40 25 1 21 2
40-60 20 0 5 0
60 प्लस 2 1 4 0
कुल 74 3 68 6
 

- फोटो : फाइल फोटो
जाते हैं दिल्ली और हो जाते हैं गुम
इस वर्ष 10 महीनों में लापता बच्चों के 30 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें अधिकतर बच्चे मिल गए हैं, जिन्होंने बताया कि वे दिल्ली घूमने गये थे। बच्चों में दिल्ली घूमने का क्रेज है वह रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठते हैं और दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं लेकिन राजधानी की चकाचौंध में कुछ बच्चे गुम हो जाते हैं जबकि कुछ बच्चे वापस लौट आते हैं।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लापता लोगों के बारे में जैसे ही थाने में शिकायत आती है तो तुरंत मामला दर्जकर उस व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी जाती है। साइबर सेल की भी मदद ली जाती है। अधिकतर मामलों में व्यक्ति खुद ही घर से बिना बताये कहीं जाते हैं। परिजनों को चाहिए वे अपने बच्चों को समय दें और लगातार उनके साथ बातचीत करें। कई बार परिवार का माहौल भी इस पर निर्भर करता है। पुलिस अपने स्तर से पूरा प्रयास करती है। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।
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