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क्या बच्चों के मुंह से त्रिशूल आर-पार करने से ही खुश होते हैं भगवान?

Mon, 14 Aug 2017 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में मद्रासी फेस्टिवल में लोगों की आस्‍था भरी तस्वीरें
आस्था में बहुत बड़ी शक्ति होती है, लेकिन फिर भी क्या बच्चों के मुंह से त्रिशूल आर-पार करने से ही भगवान खुश होते हैं?
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चंडीगढ़ में मद्रासी फेस्टिवल में लोगों की आस्‍था भरी तस्वीरें
दरअसल, गोल्फ क्लब के सामने लेक पर तमिल समुदाय के लोगों ने सीतलामाता (माता करुमरीअम्मन) की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसका आयोजन शीतलामाता धर्म मंदिर फेज-2 बापू धाम सेक्टर-26 की ओर से किया गया।
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चंडीगढ़ में मद्रासी फेस्टिवल में लोगों की आस्‍था भरी तस्वीरें
मंदिर के प्रधान आइनार ने बताया कि यह उत्सव दक्षिण भारत के मद्रासी समुदाय के लोग मनाते हैं। रविवार शाम को लेक से शोभायात्रा की शुरुआत हुई जो ग्रेन मार्केट सेक्टर-26 होते हुए बापूधाम फेज- 2 स्थित शीतला मंदिर पहुंची। 

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चंडीगढ़ में मद्रासी फेस्टिवल में लोगों की आस्‍था भरी तस्वीरें
इससे पहले झील पर भक्तों ने मन्नतें पूरी होने पर कई फुट लंबा त्रिशूल मुंह के आर पार करके प्रदर्शन किया।
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चंडीगढ़ में मद्रासी फेस्टिवल में लोगों की आस्‍था भरी तस्वीरें
मन्नतें पूरी होने पर लोग त्रिशूल मुंह के आर पार करके और कुछ भक्त पीठ में कुंडा लगवाकर रथ खींचकर माता के मंदिर तक गए। 
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शाम को 11 फुट लंबा और तीन फुट चौड़ा अग्नि कुंड बनाकर इसमें 11 क्विंटल लकड़ी जलाकर अग्निकुंड बनाया जाता है। भक्त नंगे पैर अग्नि परीक्षा देते हैं।
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आइनार ने बताया कि भक्त 11 या 21 दिन नंगे पैर चलते हैं। शाम को एक समय सादा भोजन कर व्रत का पालन करते हैं। 
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