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पिता पहले ही चले गए, मां और दो छोटी बहनों ने माथा चूम शहीद को दी अंतिम विदाई, इकलौते चिराग थे

Mon, 10 Jun 2019 06:58 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोपड़(पंजाब)
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शहीद जवान को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
फरवरी में पिता छोड़ गए थे और अब खुद चले गए। मां और दो छोटी बहनों ने शहीद जवान को माथा चूमकर अंतिम विदाई दी। वह इकलौते चिराग थे, इकलौते भाई थे, इकलौते कमाने वाले थे, देखिए तस्वीरें।
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शहीद जवान को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
श्री चमकौर साहिब के गांव हफजाबाद के जवान करमजीत सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका पार्थिव शरीर शनिवार को पैतृक गांव हफजाबाद में लाया गया था। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में तैनात करमजीत गश्त की ड्यूटी से लौट रहे थे कि अचानक गोली लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसकी खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया।
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शहीद जवान को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
शहीद करमजीत सिंह परिवार के एकमात्र बेटे थे और अकेले कमाने वाले थे। पिता की मौत भी बीमारी के चलते आठ फरवरी हुई है। शहीद अपने पीछे अपनी मां मनजीत कौर समेत दो बहनें रूपिंदर कौर तथा कमलेश कौर को छोड़ गए हैं। करमजीत के जाने के बाद अब उनका कोई सहारा नहीं रहा। रूपिंदर कौर बारहवीं की पढ़ाई कर चुकी है और कमलेश कौर अभी ग्यारहवीं की पढ़ाई कर रही है।

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शहीद जवान को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
शहीद करमजीत के दादा नसीब सिंह ने सरकार से शहीद की बहन के लिए नौकरी की मांग की है। क्योंकि करमजीत ने बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही देश की सेवा करने का मन बना लिया था। 2016 में वह सेना में भर्ती हो गए थे, लेकिन कोई नहीं जानता था कि वह इतनी जल्दी सभी को छोड़कर चला गया था। अब मां और बहनों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है, ऐसे में सरकार से मदद की उम्मीद है।
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शहीद जवान को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
कर्नल राजेश शर्मा के अनुसार, 23 पैरा रेजिमेंट के कमांडो करमजीत सिंह सब से आगे हो कर मोर्चा संभालने वालों में थे। सात जून को भी वह एक सूचना मिलने पर गश्त के लिए गए थे। वापसी के समय किन्हीं कारणों से उनकी अपनी राइफल से चली गोली और उनके सिर में जा लगी, जिससे वह वीरगति को प्राप्त हो गए। सीओ पैरा रैजीमैंट जोयूस ने कहा कि शहीद के परिवार को सेना की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाएं बिना किसी परेशानी के मिलेगी। 
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शहीद जवान को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट मंत्री चन्नी ने सरकार की तरफ से हर किस्म की सहायता दिलवाने का भरोसा दिया। चन्नी ने कहा कि शहीद करमजीत सिंह पर इलाके को गर्व है। शहीदों के परिवारों को हमेशा की देश ने सम्मान दिया है और वह करमजीत के परिवार के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर हर तरह की सहायता करेंगे। पूर्व सांसद प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा के बेटे व युवा अकाली नेता सिमरनजीत सिंह चंदूमाजरा ने भी केंद्र सरकार से मिलने वाली सुविधाएं जल्द ही परिवार को दिलाने का भरोसा दिया।
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