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आर्मी कैंटीन में शॉपिंग को लेकर बदला गया एक नियम, शायद किसी ने बताया हो...लो हम बताते हैं

Sat, 14 Jul 2018 04:30 PM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेना कैंटीन
भारतीय सेना की सीएसडी में शॉपिंग करने को लेकर एक नियम में बदलाव किया गया है। इसके बारे में शायद ही कोई जानता हो और शायद ही किसी ने बताया हो।
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दरअसल, सेना की सीएसडी (कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट) में अब दिव्यांगों को न तो लंबी कतारों में लगने की जरूरत है और न ही उन बुजुर्गों को परेशान होने की जरूरत है, जिनके अंगूठे के निशान बायोमीट्रिक से मैच नहीं हो रहे हैं। इन लोगों को सैन्य सीएसडी में खास सहूलियतें प्रदान की जाएंगी। इसे लेकर संबंधित निर्देश जारी किए गए हैं। सैन्य अधिकारी इन निर्देशों को दिव्यांगों व बुजुर्गों के प्रति सम्मान करार दे रहे हैं।
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पहचान पत्र दिखाने पर बुजुर्गों को मिलेगा सामान
सीएसडी में बायोमीट्रिक मशीनें लगाए जाने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकतर सीएसड में बायोमीट्रिक लगाकर संबंधित कैंटीन के कार्ड होल्डर लाभार्थियों को उससे रजिस्टर्ड भी कर दिया गया है। लेकिन इस योजना के शुरू होते ही उन बुजुर्गों को परेशानी आने लगी है, जिनके एक बार तो अंगूठे के निशान मशीन ने रजिस्टर्ड कर लिया है, लेकिन कभी उनका निशान मशीन मैच कर लेती है और कभी रिजेक्ट कर देती है।

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सीएसडी के एक अफसर ने बताया कि जो कार्ड होल्डर ज्यादा बुजुर्ग हैं उनके साथ ही ये दिक्कत पेश आ रही है। इसलिए इन बुजुर्गों का थंब इंप्रैशन मैच करे या न करें, उन्हें सीएसडी से सामान खरीदने की अनुमति दी जाएगी। उन्हें केवल अपना पहचान पत्र और सीएसडी कार्ड दिखाना होगा।
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सीधे काउंटर पर जाकर सामान लेंगे दिव्यांग
सैन्य सीएसडी के हालात यदि देखें तो सीएसडी में जबरदस्त भीड़ का आलम रहता है। शनिवार, रविवार या अन्य अवकाश के दिन तो काफी ज्यादा भीड़ उमड़ती है। लंबी कतार में लगकर सेना के जवानों, अफसरों व उनके आश्रितों को सामान खरीदना पड़ता है। ऐसे में यहां आने वाले दिव्यांगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब ये निर्देश जारी किए गए हैं कि सीएसडी में जाने वाले दिव्यांग कार्ड होल्डर को कतार में लगने की जरूरत नहीं है। वे सीधे काउंटर पर जाएगा और अपना सामान खरीदेगा। उसे सामान का बिल बनवाने में भी इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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