फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्मी कैंटीन में शॉपिंग को लेकर बदला गया एक नियम, शायद किसी ने बताया हो...लो हम बताते हैं

Sat, 14 Jul 2018 04:30 PM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
सेना कैंटीन
भारतीय सेना की सीएसडी में शॉपिंग करने को लेकर एक नियम में बदलाव किया गया है। इसके बारे में शायद ही कोई जानता हो और शायद ही किसी ने बताया हो।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
shopping
दरअसल, सेना की सीएसडी (कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट) में अब दिव्यांगों को न तो लंबी कतारों में लगने की जरूरत है और न ही उन बुजुर्गों को परेशान होने की जरूरत है, जिनके अंगूठे के निशान बायोमीट्रिक से मैच नहीं हो रहे हैं। इन लोगों को सैन्य सीएसडी में खास सहूलियतें प्रदान की जाएंगी। इसे लेकर संबंधित निर्देश जारी किए गए हैं। सैन्य अधिकारी इन निर्देशों को दिव्यांगों व बुजुर्गों के प्रति सम्मान करार दे रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
SHOPPING
पहचान पत्र दिखाने पर बुजुर्गों को मिलेगा सामान
सीएसडी में बायोमीट्रिक मशीनें लगाए जाने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकतर सीएसड में बायोमीट्रिक लगाकर संबंधित कैंटीन के कार्ड होल्डर लाभार्थियों को उससे रजिस्टर्ड भी कर दिया गया है। लेकिन इस योजना के शुरू होते ही उन बुजुर्गों को परेशानी आने लगी है, जिनके एक बार तो अंगूठे के निशान मशीन ने रजिस्टर्ड कर लिया है, लेकिन कभी उनका निशान मशीन मैच कर लेती है और कभी रिजेक्ट कर देती है।

4 of 5
shopping
सीएसडी के एक अफसर ने बताया कि जो कार्ड होल्डर ज्यादा बुजुर्ग हैं उनके साथ ही ये दिक्कत पेश आ रही है। इसलिए इन बुजुर्गों का थंब इंप्रैशन मैच करे या न करें, उन्हें सीएसडी से सामान खरीदने की अनुमति दी जाएगी। उन्हें केवल अपना पहचान पत्र और सीएसडी कार्ड दिखाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
SHOPPING
सीधे काउंटर पर जाकर सामान लेंगे दिव्यांग
सैन्य सीएसडी के हालात यदि देखें तो सीएसडी में जबरदस्त भीड़ का आलम रहता है। शनिवार, रविवार या अन्य अवकाश के दिन तो काफी ज्यादा भीड़ उमड़ती है। लंबी कतार में लगकर सेना के जवानों, अफसरों व उनके आश्रितों को सामान खरीदना पड़ता है। ऐसे में यहां आने वाले दिव्यांगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब ये निर्देश जारी किए गए हैं कि सीएसडी में जाने वाले दिव्यांग कार्ड होल्डर को कतार में लगने की जरूरत नहीं है। वे सीधे काउंटर पर जाएगा और अपना सामान खरीदेगा। उसे सामान का बिल बनवाने में भी इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें