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जश्न ही जश्न: घर लौट रहे किसानों का जोश है 'हाई', तस्वीरों में देखिए खुशी में दमकते चेहरों के रंग

Sat, 11 Dec 2021 12:03 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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जश्न के साथ किसानों ने की घर वापसी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
380 दिन पहले केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डेरा जमाने वाले किसान शनिवार को अपने घरों को रवाना हुए। सबसे लंबे आंदोलन को सफल बनाने की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। कुंडली बॉर्डर से सुबह अरदास के बाद घरों को लौट रहे किसान हर थोड़ी दूर पर जश्न मना रहे हैं। जीटी रोड पर आज एक अलग ही नजारा है। कहीं युवा ललकारे मार रहे हैं तो बुजुर्ग किसान भी नाच कर अपनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं। कुंडली से मुरथल तक हंसते मुस्कुराते किसानों के चेहरों पर लंबे जाम के बावजूद कोई शिकन नहीं है।  
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जश्न में नाचते बुजुर्ग किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
सरकार के साथ सभी मांगों पर संयुक्त किसान मोर्चा की सहमति बनने के बाद किसानों ने शनिवार को घर वापसी से पहले बॉर्डर पर जमकर जश्न मनाया। किसान नाचते-गाते हुए अपने घरों को रवाना हो रहे हैं। हर ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों पर किसानी झंडों के साथ किसान जीत की नारेबाजी हो रही है। 
 
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मुरथल में जश्न मनाते युवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
कुंडली बॉर्डर पर सुबह से जश्न का माहौल है और किसानी धरने ने मेले का रूप अख्तियार कर लिया है। यूं तो एक दिन पहले से ही किसानों की रवानगी शुरू हो गई थी, लेकिन शनिवार को सुबह से ही किसान जत्थों के रूप में रवाना हुए। 
 

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मुरथल में जश्न। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
यहां से किसान अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के लिए निकले हैं, लेकिन इससे पहले अलग अलग जगह किसानों का पड़ाव होगा। किसानों ने बॉर्डर पर मौजूद स्थानीय लोगों का धन्यवाद किया और उन्हें भी अपनी खुशी में शामिल करते हुए लंगर बांटकर आभार जताया। कुछ किसानों की यहां रह रहे लोगों के साथ इतनी अधिक घनिष्ठता हो गई थी कि जाते समय उनकी आंखें नम हो गई थी।  
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घर वापसी की खुशी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
शुक्रवार को भी महिला किसानों के जत्थे ने केक काटकर व लड्डू बांटकर खुशी मनाई थी। महिला किसानों ने कहा था कि उनके संघर्ष को आखिर मंजिल मिल गई। शुक्रवार को कुंडली धरना पर पहुंचीं अधिवक्ता एवं किसान माही मलिक, पूनम, बिमला, निर्मला, गुड्डी, बबीता, ज्योति व वंशिका ने कहा कि किसानों के संघर्ष के आगे केंद्र सरकार को उनकी मांग मानने के मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों की एकता ने किसान विरोधी तीनों कानून रद्द कराने में अहम भूमिका अदा की। अपने हित के लिए देश के किसान एकजुट हो गए।
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पानीपत में जश्न मनाते किसान। - फोटो : अमर उजाला
घर लौट रहे किसानों ने पानीपत के टोल प्लाजा, मछरौली चौक व हल्दाना बॉर्डर पर जीत का जश्न मनाया। हल्दाना बॉर्डर पर प्रधान सुदेश जाखड़ ने वापस लौटते किसानों का स्वागत किया। वहीं किसान भवन के प्रधान सोनू मालपुरिया ने डाहर टोल प्लाजा पर बुजुर्ग किसानों को सम्मानित करते हुए अपने-अपने घर वापसी का निर्देश दिया। मछरौली चौक पर किसान जीटी रोड पर डीजे लगाकर नाचते हुए दिखे। जिले के किसानों ने मछरौली चौक जीटी रोड पर लंगर लगाकर किसानों का स्वागत किया और उन्हें खाना खिलाकर पंजाब के लिए रवाना किया। 
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