घर वापसी की खुशी।
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शुक्रवार को भी महिला किसानों के जत्थे ने केक काटकर व लड्डू बांटकर खुशी मनाई थी। महिला किसानों ने कहा था कि उनके संघर्ष को आखिर मंजिल मिल गई। शुक्रवार को कुंडली धरना पर पहुंचीं अधिवक्ता एवं किसान माही मलिक, पूनम, बिमला, निर्मला, गुड्डी, बबीता, ज्योति व वंशिका ने कहा कि किसानों के संघर्ष के आगे केंद्र सरकार को उनकी मांग मानने के मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों की एकता ने किसान विरोधी तीनों कानून रद्द कराने में अहम भूमिका अदा की। अपने हित के लिए देश के किसान एकजुट हो गए।