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अगर आप भी साइकिल ट्रैक पर चलाते हैं वाहन, तो जरूर पढ़ लें ये खबर, वरना मुसीबत में फंस सकते हैं

Thu, 04 Oct 2018 02:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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cycle track - फोटो : अमर उजाला
साइकिल ट्रैक पर वाहन चालने वालों के लिए सावधान करने वाली खबर है। वहीं गाड़ी रॉन्ग पार्क करने पर भी आप मुसीबत में फंस सकते हैं।  दरअसल प्रशासन ऐसे लोगों पर सख्त होने के मूड में है। 
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रॉन्ग पार्किंग करने वालों के 20 हजार और साइकिल ट्रैक पर वाहन चलाने वालों के 10992 चालान का आंकड़ा देख पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे में यह आंकड़े साफ बताते हैं कि शहर की सड़कों पर सुरक्षित यात्रा करना आसान नहीं है।
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मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो एसएसपी ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि पुलिस ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने की दिशा में सख्ती से काम कर रही है। शहर में रॉन्ग पार्किंग के 21519 चालान किए गए हैं, 5452 वाहन टो किए गए हैं। 10473 वाहनों को क्लैप किया गया है और 5594 वाहनों के ऑन द स्पॉट चालान किए गए हैं। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि साइकिल ट्रैक पर वाहन चलाने वालों के 10992 चालान किए गए हैं और रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के चालान का आंकड़ा 20 हजार के पार है। 

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हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही इतनी बड़ी संख्या में चालान किए गए हैं लेकिन एक महीना पहले हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बावजूद अभी तक वाहनों की पार्किंग और साइकिल ट्रैक पर वाहनों की स्थिति में बदलाव नहीं आया है। ऐसे में एसएसपी ट्रैफिक अगली सुनवाई पर खुद हाजिर होकर इस बारे में अपना पक्ष रखें।
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 इसी बीच पुलिस ने बताया कि इस समय प्रशासन विचार कर रहा है कि साइकिल ट्रैक पर वाहन चलाने वालों पर खतरनाक ड्राइविंग करने की धाराओं में कार्रवाई की जाए। मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 184 के अनुसार खतरनाक ड्राइविंग के मामले डील किए जाते हैं और इसमें पहली बार 6 माह की सजा और तीन वर्ष के अंदर दूसरी बार ऐसा करने पर 2 साल तक की सजा का प्रावधान है। 
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ऐसे लोगों पर आपराधिक कार्रवाई के लिए प्रशासन स्तर पर काम किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत होगी जो वर्तमान में केवल 168 है। हाईकोर्ट ने इस पर प्रशासन को आदेश दिए कि वाहन और पुलिस का अनुपात देख अतिरिक्त बल की व्यवस्था की जाए। लोगों के जीवन को पुलिस स्टाफ की कमी के चलते जोखिम में नहीं डालने दिया जा सकता।
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