देश में राष्ट्रपिता महात्मा ‘गांधी की जेल' बनाई गई है, जिसमें बापू के जीवन से जुड़ी कई दुर्लभ चीजें सहेज कर रखी गई हैं। वहीं फोन रिसीव करने पर बापू बोलते सुनाई देंगे।
विज्ञापन
2 of 6
गांधी म्यूजियम
चौंक गए न जानकर, ये दरअसल में एक म्यूजियम है। चंडीगढ़ में सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन में इसे बनाया गया और गांधी जयंती के दिन यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित एक समारोह में प्रशासक ने गांधी स्मारक भवन को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने गांधी स्मारक की छत पर म्यूजियम बनाने की मांग पर गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष केके शारदा को कहा कि एक प्रस्ताव बनाकर भेजिए, इसके बाद उस पर विचार करेंगे कि क्या बेहतर किया जा सकता है।
विज्ञापन
3 of 6
गांधी म्यूजियम
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष ने कहा कि यह म्यूजियम दिल्ली के बाद पहला संग्रहालय है। इसमें गांधी जी के जीवन पर चित्र और उनके आजादी के आंदोलन को दर्शाया गया है। इस संग्रहालय में जेल भी बनाई गई है वह मुख्य आकर्षण है। संग्रहालय में फोन भी लगाए गए हैं। फोन का रिसीवर उठाते ही गांधीजी का संदेश सुनाई देता है जो युवकों को उत्साहित करेगा।
लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्रीजी सादगी के प्रतीक थे।
4 of 6
गांधी म्यूजियम
म्यूजियम में खास चीज है ‘गांधी की जेल’। इसे पूर्ण रूप से जेल का रूप दिया गया है। इसमें गांधीजी कुसी पर बैठे हैं। उनके सामने एक टेबल है। गांधी स्मारक भवन में प्रवेश करते ही बापू की भव्य प्रतिमा मिलेगी और म्यूजियम में प्रवेश करने से पहले ही दीवार पर दांडी यात्रा का सीन और उसका रूट अंकित है। म्यूजियम के अंदर एक भाग में दांडी यात्रा के दौरान नमक बनाने के सीन की मूर्ति के अलावा चरखा कातते हुए दिखाई देगी।
विज्ञापन
5 of 6
गांधी म्यूजियम
जेल के बाहर उनके पूर्ण जेल जीवन का विवरण दिया गया है। हुआ यूं कि चार वर्ष पहले गांधी स्मारक भवन के बाहर स्कूली बच्चों से भरी बस रुकी। बच्चों में गांधी को जानने की उत्सुकता थी। स्कूल के शिक्षक ने कहा कि बच्चे गांधी के बारे में जानना चाहते हैं। उस वक्त गांधी स्मारक भवन में पुस्तकालय और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के अलावा कुछ भी नहीं था। उसी समय मन में आया कि गांधी स्मारक भवन में एक भव्य म्यूजियम बनाया जाए जो उत्तर भारत में बेहतरीन हो।
गांधी म्यूजियम में आने पर बच्चों के अलावा सभी को प्रेरणा मिलेगी। म्यूजियम में गांधीजी के जन्म से लेकर उनके मृत्यु तक की विशेष फोटोग्राफ भी होंगे। इसकी तैयारी चल रही है। म्यूजियम का उद्घाटन पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर करेंगे। - केके शारदा, अध्यक्ष, गांधी स्मारक निधि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़