आरएसएस के सह संघचालक ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा पर हमले की जांच एसआईटी ने शुरू कर दी है। मामले में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जानिए।
विज्ञापन
2 of 6
brigadier jagdish ggneja
- फोटो : file photo
पंजाब आरएसएस के सह संघचालक ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा पर 32 बोर और 9 एमएम के पिस्तौल से हमला हुआ था। 32 बोर यूपी और बिहार में आसानी से मिल जाता है, वहीं 9 एमएम का पिस्तौल मिलना मुश्किल होता है। यह ज्यादातर विदेश से मंगवाया जाता है। हमलावरों को विदेश से फंडिंग तो नहीं की गई, इसी आशंका पर एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है।
यह भी जांच का विषय बन गया है कि पंजाब के कई कट्टरपंथी विदेश में हैं, जो सूबे में अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कई बार कोशिश कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार गगनेजा पर फगवाड़ा के हमलावरों की ओर से हमले की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने आईजी जोनल लोकनाथ आंगरा और एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह को भी अपने स्तर पर जांच के लिए कहा है।
4 of 6
आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारिक सूत्रों के अनुसार गगनेजा पर हमले में 32 बोर का पिस्टल इस्तेमाल हुआ है। इसमें से चार फायर किए गए। इसके अलावा एक फायर 9 एमएम के पिस्तौल से भी हुआ था। 32 बोर का पिस्तौल सिक्सर था, जिसमें से हमलावर ने चार गोलियां ही चलाई और उसने एक गोली के लिए 9 एमएम पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। एसआईटी को यह खोल मिल गए हैं।
विज्ञापन
5 of 6
आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी की जांच में कई सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई हैं। वारदात वाले दिन जब ब्रिगेडियर गगनेजा अपनी कोठी से निकले तो उससे पहले ही हमलावर वहां पर उनकी रैकी कर रहे थे। इसकी सीसीटीवी फुटेज मिल चुकी है। गगनेजा की कोठी कैंट इलाके में होने से उन पर हमला करना नामुमकिन था, इसलिए हमलावरों ने वहां से करीब 10 किलोमीटर तक गगनेजा की कार का पीछा किया। वे ज्योति चौक तक उनके पीछे आए। रास्ते में भी कई स्थानों की फुटेज पुलिस को मिली हैं।
एसआईटी के सूत्रों के अनुसार हमला पूरी योजना तैयार कर किया गया। ऐसी आशंका है कि हमलावर फगवाड़ा इलाके की ओर से ही आए थे। फगवाड़ा में बीते दिनों काफी माहौल खराब हुआ था। वहां पर शिव सैनिकों और सिख संगठनों में काफी टकराव हुआ था। यह टकराव लगातार तीन चार बार हो चुका है, जब हिंदू संगठन और सिख समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। ऐसे इनपुट जांच टीम को मिल गए हैं कि हमलावर फगवाड़ा इलाके की तरफ से आए थे।