डॉ. अब्दुल कलाम के बर्थडे पर हम आपको उस लड़की से मिलाते हैं, जिसने एक जादुई घड़ी बनाकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइट अवार्ड-2015 जीता था।
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अब्दुल कलाम
- फोटो : SELF
यह घड़ी देखने में आम घड़ी की तरह है, लेकिन इसमें जीवन रक्षक सिस्टम लगाया है। जिससे बीमार व्यक्ति को दवा लेने का समय पता चल जाता है। इतना ही नहीं मरीज को हार्ट अटैक या तबीयत बिगड़ने की खबर भी घड़ी को पहले ही पता चल जाती है।
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apj abdul kalam
चंडीगढ़ सेक्टर-68 निवासी नवजोत कौर यह घड़ी बनाई। इस खोज के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी सम्मानित कर चुके हैं। इस घड़ी में सिस्टम को जीपीएस से जोड़ा गया, ताकि अस्पताल को भी पहले से ही अलर्ट मिल सके और मरीज को बचाया जा सके।
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नवजोत खुद बताती हैं कि मरीज को ग्लूकोज लगाना हो या दवा देने का समय याद दिलाना हो, यह घड़ी पहले से ही सब बता देती है। नवजोत को यह आइडिया सहेली की सहायता करने की चाहत से आया।
नवजोत ने बताया कि उसकी सहेली को दमे की बीमारी थी। उसे समय-समय पर दवा की जरूरत पड़ती थी, पर वह दवा लेना भूल जाती थी। उसे याद कराने के लिए उसने घड़ी को इनहेलर का रूप दिया। फिर घड़ी उसे दवा के लिए याद कराने लगी।