नजफगढ़ के एक किसान ओमप्रकाश ने जिस भैंसे को बेटे की तरह पाला। तीन करोड़ तक उसकी कीमत लगी, लेकिन ओमप्रकाश ने भैंसे को बेचने की बजाए पंचायत को दान दे दिया है।
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बेटे की तरह पाला 3 करोड़ का भैंसा और कर दिया दान
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ओमप्रकाश अपने भैंसे हीरा को हिसार में आयोजित केंद्रीय भैंस अनुसंधान के भैंस मेला एवं प्रदर्शनी में लाए थे। गांव चौधरीवास (हिसार) की पंचायत को मोती नाम का झोटा देते हुए ओमप्रकाश भावुक हो उठे।
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बेटे की तरह पाला 3 करोड़ का भैंसा और कर दिया दान
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दिल्ली के ढिचाऊ निवासी ओमप्रकाश मुर्राह नस्ल की भैंस व झोटे पालने के शौकीन हैं। मुर्राह नस्ल की भैंस रानी के पैदा हुए दो कटड़ों को अपने बच्चों की तरह से पाला। इन झोटों को हीरा-मोती नाम दिया। दोनों की तीन-तीन करोड़ रुपये कीमत आंकी गई थी। ओमप्रकाश ने अपने झोटे बेचने से इनकार कर दिया था।
बेटे की तरह पाला 3 करोड़ का भैंसा और कर दिया दान
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पिछले वर्ष उन्होंने झज्जर के गांव डाबोदा को हीरा नाम का झोटा दान दिया था। इस बार उन्होंने अपना तीन करोड़ी झोटा मोती चौधरीवास की पंचायत को दान कर दिया। अपने मोती को विदा करने से पहले उन्होंने उसके माथे पर चूमा और उसका एक दिन का खर्च 2000 रुपये भी पंचायत को दिए।
बेटे की तरह पालते हैं पशु: ओमप्रकाश ने कहा कि वह पत्नी सरोज के साथ मिलकर पशुओं को अपने बेटे की तरह पालते हैं। झोटों को पालकर दान देने की उनकी पुश्तैनी परंपरा रही है। किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे झोटों को बेचने की बजाय पंचायतों को दान कर दें ताकि अच्छी नस्लें तैयार की जा सकें।