एक कमरे में लकड़ी की दो अलमारियां और खेती-किसानी से जुड़ी हुई चीजें रखी हैं। घर के दूसरे हिस्से में भूसा इकट्ठा करने का जेलवा, बाल्टी और अन्य सामान रखा हुआ है। एक अन्य कमरे में फर्श पर बैठकर खाना खाने वाली डाइनिंग टेबल, कुछ बर्तन जिनमें परातें, थालियां, गिलास और चम्मच हैं। घर के एक आंगन में कुआं है। हालांकि अब कुएं को संरक्षित करने के लिए सरकार ने इसे बंद कर दिया है।
खास संदेश देती हैं प्रतिमाएं
गांव के घरों में स्थापित की गईं शहीद की प्रतिमाएं देश के युवाओं के लिए एक खास संदेश दे रही हैं। इन प्रतिमाओं में ग्रामीणों ने इंकलाब के साथ ही शहीद ए आजम के हाथों में किताब को दर्शाया है। गांव के लोगों का कहना है कि भगत सिंह साहित्य के धनी थे। आज के युवाओं को भी उनसे सबक लेकर किताबों को आत्मसात करना चाहिए।