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शहीदी दिवस: पीली नहीं, भगत सिंह ने ताउम्र पहनी थी इस रंग की पगड़ी....एक है अपवाद

Wed, 23 Mar 2022 01:47 PM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
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भगत सिंह - फोटो : Twitter/@RamanGrew
आज शहीद-ए-आजम भगत सिंह का शहीदी दिवस है। आज के ही दिन आजादी के इस मतवाले को फांसी दी गई थी। छोटी सी उम्र में देश पर कुर्बान होने वाले भगत सिंह आज भी युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं। छह फुट लंबे और शानदार व्यक्तित्व के मालिक भगत सिंह के हर स्टाइल को युवा फॉलो करते हैं। फिर चाहे उनकी मूंछों का अंदाज हो या पगड़ी बांधने का स्टाइल...पंजाब के नए सीएम भगवंत मान भी शहीद-ए-आजम को बहुत मानते हैं। भगवंत मान हमेशा पीली पगड़ी बांधते हैं। इस बारे में उन्होंने एक बार कहा था कि वे भगत सिंह से प्रेरित होकर पीली पगड़ी पहनते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगत सिंह ने कभी पीली पगड़ी पहनी ही नहीं। उनकी जितनी भी प्रमाणित तस्वीरें हैं, सभी ब्लैक एंड व्हाइट हैं। 
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शहीदी दिवस 2021 - फोटो : Twitter/@ind_Cyborg
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो उस समय ब्रिटिश भारत था और आज पाकिस्तान है। पांचवीं तक की पढ़ाई बंगा के गांव के स्कूल में करने के बाद उनका दाखिला लाहौर के डीएवी स्कूल में कराया गया। 1923 में उन्होंने लाहौर के नेशनल कालेज में बीए की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया, जिसकी स्थापना दो साल पहले महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के जवाब में लाला लाजपत राय द्वारा की गई थी। हालांकि भगत सिंह अपनी बीए पूरी नहीं कर सके और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के कारण अंग्रेजों की गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड होना पड़ा था।
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Bhagat Singh - फोटो : social media
दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से रिटायर प्रोफेसर चमन लाल ने भगत सिंह के जीवन पर शोध किया है। प्रोफेसर चमन लाल कहते हैं कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने अपने सारे जीवनकाल में केवल सफेद पगड़ी ही पहनी है। केवल अंग्रेजी शासन काल के दौरान जब ननकाना साहिब जाने वाले जत्थों पर जुल्म किया जा रहा था, उस समय अंग्रेजों के खिलाफ विरोध जताने के लिए भगत सिंह ने काली पगड़ी पहनी थी। भगत सिंह ने उस समय ननकाना साहिब जाने वाले जत्थों के लिए पानी व खाने का लंगर लगाया था। 





 

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भगत सिंह - फोटो : Twitter/@IndiaHistorypic
शहीद के जीवन पर कई किताबें लिख चुके जेएनयू से रिटायर प्रोफेसर चमन लाल का कहना है कि यह सब वह भगत सिंह की उपलब्ध तस्वीरों और उनसे जुड़े दस्तावेजों के आधार पर कह रहे हैं। भगत सिंह के जीवन की केवल चार फोटो ही उपलब्ध हैं, जिनमें एक उनके बचपन, एक सफेद पगड़ी में जवानी की फोटो है और एक जूड़े में चारपाई पर बैठे और चौथी हैट वाली फोटो है। इन फोटो की पुष्टि खुद शहीद के परिवार वाले भी करते हैं।

 
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भगत सिंह - फोटो : Twitter/@Singhfarmer1313
भगत सिंह का पूरा परिवार स्वतंत्रता सेनानियों का परिवार था और वह अमीर लोग थे। दादा अर्जुन सिंह और चाचा अजीत सिंह भारत की आजादी की लड़ाई में सक्रिय थे। उन्होंने लाला लाजपत राय के साथ काम किया था। अजीत सिंह 38 वर्ष तक विदेश में ही रहकर देश की आजादी के लिए लड़ते रहे। सन 1946 में जवाहरलाल नेहरू उन्हें भारत लाए। चाचा सवरन सिंह की तो जेल में बीमारी के कारण 23 साल की छोटी उम्र में मौत हो गई थी। 
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