फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस सरकारी योजना के बदले पांच नियम, जान लें वरना हो सकता है नुकसान

Wed, 19 Feb 2020 12:04 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
महंगाई के इस दौर में हर कोई अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहता है। सभी लोग अपना पैसा बढ़ाने का प्रयास करते रहते हैं। ऐसे में हम आज आपको पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम्स में से पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) के बारे में जारकारी दे रहे हैं, जहां निवेश करने से आपको मोटा मुनाफा होगा। 

हाल ही में डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड के नियमों में बदलाव किया था। 12 दिसंबर को गैजेट नोटिफिकेशन में इन बदलावों के बारे में जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं कि पीपीएफ के नियामों में क्या बदलाव हुआ है और आपको इस योजना में निवेश करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 6

पीपीएफ खाता खोलने से जुड़ा बदला यह नियम

डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स ने पीपीएफ खाता खोलने के लिए मिनिमम अमाउंट में बदलाव किया गया है। अब अगर आप किसी नाबालिग के खाते में पैसे जमा करते हैं, तो आपको ध्यान रखना होगा कि यह रकम 500 रुपये से कम नहीं होनी चाहिए। राशि 50 रुपये के मल्टीपल में ही होनी चाहिए। साथ ही पीपीएफ खाता खोलने के लिए अब फॉर्म ए की जगह फॉर्म 1 भरना होगा।
विज्ञापन

3 of 6

मेच्योरिटी से जुड़ा नियम भी बदला

पीपीएफ खाते की डिपॉजिट के साथ मेच्योरिटी से जुड़े एक नियम में भी बदलाव हुआ है। पीपीएफ खाते का मेच्योरिटी पीरियड 15 साल का होता है। लेकिन आप इसके बाद खाते को अगले पांच साल के लिए आगे बढ़ा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मेच्योरिटी पीरियड खत्म होने से एक साल के भीतर फॉर्म 4 जमा करना होगा। जबकि पहले इसके लिए फॉर्मा एच भरना होता था।

यह भी पढ़ें: काम की खबर: 600 से 800 रुपये में खरीदें एक लाख का साइबर बीमा, मिलेंगे कई फायदे

4 of 6

बिना डिपॉजिट किए जारी रख सकते हैं खाता

वहीं अगर आप मेच्योरिटी के बाद बिना डिपॉजिट किए भी पीपीएफ खाते को जारी रख सकते हैं। अगर आप ऐसा करते हैं, तो मेच्योरिटी के समय जो भी रकम होगी, उस पर भी आपको ब्याज मिलता रहेगा। ब्याज से जुड़ी जानकारी सब्सक्राइबर को दे दी जाएगी। बिना डिपॉजिट के पीपीएफ खाते को मेच्योरिटी के बाद भी जारी रखने की स्थिति में आपको एक वित्तीय वर्ष में एक बार निकासी का मौका मिलेगा।

यह भी पढ़ें: बुधवार को एक लीटर पेट्रोल व डीजल के लिए ग्राहकों को चुकाने होंगे इतने पैसे

विज्ञापन

5 of 6

पीपीएफ लोन ब्याज दर

अगर आपने पीपीएफ खाते के आधार पर लोन लिया है, तो यह बदलाव आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। लोन लेने के बाद आप इसका प्रिंसिपल अमाउंट पे-इन-स्लिप के जरिए जमा कर सकते हैं। इसे आपके लोन खाते में क्रेडिट किया जाएगा। इसके बाद जब प्रिंसिपल राशि पूरी तरह से चुका दी जाएगी, तो सब्सक्राइबर्स सालाना एक फीसदी की दर से ब्याज के आधार पर दो महीने से कम के इंस्टॉलमेंट में ब्याज की रकम जमा कर सकते हैं। इसका भुगतान लोन के भुगतान होने के अगले महीने से शुरू हो जाएगा। पीपीएफ खाते के आधार पर लोन लिया है, तो इस बात का ध्यान रखें कि लोन की राशि समय पर नहीं चुकाने पर पेनल्टी के तौर पर आपको सालाना छह फीसदी की दर से ब्याज देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6

ऐसे कैलकुलेट होगा ब्याज

अगर आपका भी पीपीएफ खाता है, पूरी महीने की रकम पर ब्याज पाने के लिए आपको हर माह की पांच तारीख से पहले ही पीपीएफ खाते में डिपॉजिट कर देना चाहिए। पीपीएफ इंटरेस्ट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि ब्याज हर महीने खाते में जमा सबसे कम रकम के आधार पर जोड़ा जाता है। यह रकम हर माह की पांच तारीख से लेकर महीने के अंत में जो भी सबसे कम रकम होगी, उसी आधार पर जोड़ा जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें