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मां-बाप की मौत के 4 साल बाद बच्चे का हुआ जन्म, अजब-गजब दुनिया में एक और बड़ा चमत्कार

Sat, 14 Apr 2018 01:07 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Embryo
यूं तो अजब-गजब दुनिया में रोजाना चमत्कार सामने आते रहते हैं लेकिन ऐसे मामले कम ही देखने को मिलते हैं। यह मामला चीन का है। इस अजीबो-गरीब घटना के बारे में जब दुनिया को पता लगा तो हर कोई दंग रग गया। दरअसल, यहां एक बच्चे का जन्म उसके मां-बाप की मौत के चार साल बाद हुआ... 

 
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baby
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के माता-पिता की साल 2013 में एक कार हादसे में मौत हो गई थी। बता दें, जिस समय उनकी मौत हुई थी, उस वक्त दंपति का प्रजनन संबंधी उपचार चल रहा था। उस समय दंपति ने अपने भ्रूण को एक अस्पताल में सुरक्षित रखवाया था। दरअसल, कपल चाहता था कि सरोगेसी के जरिए उन्हें यह बच्चा मिले। लेकिन चीन के कानून ने उन्हें इसकी आज्ञा नहीं दी।

 
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baby
दंपति की मौत के बाद बच्चे के लिए दादा-दादी और नाना-नानी ने निशेचित भ्रूण को पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। लेकिन बात वहीं अटकी रही। बाद में कोर्ट ने भ्रूण को उन्हें सौंपने की इजाजत दे दी लेकिन इसके बाद चीन में सरोगेसी से बच्चा पैदा करने की आज्ञा नहीं मिली क्योंकि चीन में सरोगेसी बैन है। भ्रूण को बाहर ले जाने का फैसला किया गया। 

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Pregnant
तमाम खोज के बाद लाओस में एक सरोगेसी एजेंसी का पता चला जहां कॉमर्शियल सरोगेसी कानून था और उन्होंने भ्रूण को वहां लाने की कवायद शुरू कर दी। लेकिन यहां भी उनके सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई।

 
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hospital
लेकिन भ्रूण को ले जाने के लिए कोई भी एयरलाइन तैयार नहीं थी, अखिरकार उन्हे सडक मार्ग से ही भ्रूण को लाओस पहुंचाया। इसके बाद भ्रूण को किराए की मां के गर्भ में प्रत्यारोपित किया गया और दिसंबर 2017 को बच्चे का जन्म हुआ जिसका नाम टिएटियन रखा गया।

 
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Embryo
'द बीजिंग न्यूज' अखबार ने इसी हफ्ते इस बारे में छापा। मीडिया खबरों के अनुसार बच्चे को 9 दिसंबर 2017 को सेरोगेसी मां ने जन्म दिया था। बच्चे के दादा-दादी को यह भ्रूण चीन से बाहर ले जाने के लिए कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ा इसके बारे में अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। 

 
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baby
सारी समस्या यहीं पर समाप्त नहीं हो गई। बच्चे के जन्म के बाद उसके पितृत्व और नागरिकता साबित करने की समस्या से भी सामना करना था। मीडिया खबरों के अनुसार भ्रूण को हांसिल करने की कानूनी लड़ाई लडने के बाद मृतक के माता-पिता को फर्टिलाइज्ड एग्स का अधिकार मिला और फिर सामने आई चीन की नागरिकता दिलाने की बात... 

 
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china Citizenship
और आखिर में गर्भवति महिला ने चीन में जाकर बच्चे को जन्म दिया। सरोगेट मां ने टूरिस्ट वीजा पर जाकर चीन में बच्चे को जन्म दिया।क्योंकि बच्चे के मां-बाप तो जिंदा नहीं थे, इसलिए दादा-दादी और नाना-नानी को ही खून और डीएनए टेस्ट देना पड़ा ताकि ये साबित हो सके कि बच्चा उन्हीं का नाती/पोता है और उसके मां-बाप चीनी नागरिक थे।

 
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