बर्फ जमाने के लिए सबसे पहले पानी को ठंडा करना पड़ता है। पानी से बर्फ बनने की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब तापमान जीरो डिग्री तक ठंडा होता है। अक्सर आपने देखा होगा कि पानी में ड्राय बर्फ का टुकड़ा डालने पर उसमें से धुंआ निकलने लगता है या फिर कभी बर्फ की सिल्ली देखी होगी तो उसमें से धुंआ निकलता हुआ दिखाई देता है। सबको पता है कि बर्फ ठंडी होती है और विज्ञान भी यही कहता है। अब सवाल यह है कि जब बर्फ ठंडी होती है तो उसमें से गर्म पानी की तरह भाप क्यों निकलती है। ठंडे बर्फ से निकला धुंआ कोहरा या कार्बन डाइऑक्साइड नहीं, बल्कि कुछ और ही होता है। तो चलिए आज जानतें हैं कि आखिर कैसे बर्फ से धुआं निकलता है।
बर्फ या बर्फ की सिल्ली से निकलने वाला धुंआ कोई गैस नहीं बल्कि बर्फ की ठंड के कारण उसके आसपास जमी हुई वाष्प होती है। जब बर्फ के आसपास की हवा ज्यादा ठंडी हो जाती है तो उसमें से थोड़ी वाष्प पानी की बूंदों में बदल जाती है। यही कारण है कि जमी हुई वाष्प हवा के झोंके में धुएं की तरह लगती है।