हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नो-फ्लाई लिस्ट जारी की है। यह एक गाइडलाइन है जिसमें उन मामलों का जिक्र है जिसके तहत दोषी पाए जाने पर प्लेन से यात्रा करने वाले यात्री पर तीन महीने से लेकर आजीवन प्रतिबंध लगाने तक का प्रावधान है।
नो फ्लाई लिस्ट को तीन श्रेणियों में बांटा गया है-
विज्ञापन
2 of 4
Flight Attendant
पहला लेवल
शारीरिक हाव-भाव से किसी को परेशान करने, मौखिक रूप से किसी को डराने-धमकाने, या हंगामा करने का दोषी पाए जाने पर यात्री पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
दूसरा लेवल
स्टाफ से धक्का-मुक्की करने या हाथापाई करने पर यात्री पर छह महीने तक का बैन लगाया जा सकता है।
तीसरा लेवल
इस लेवल में यात्री के जानलेवा बर्ताव को शामिल किया गया है। अगर कोई यात्री प्लेन के किसी उपकरण या सिस्टम से छेड़छाड़ करने या उसे नुकसान पहुंचाने या किसी स्टाफ का शोषण करने का दोषी पाया जाता है तो उस पर दो साल से लेकर आजीवन प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।
विज्ञापन
3 of 4
Flight Attendant
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले शिवसेना सांसद रविन्द्र गायकवाड़ पर एयर इंडिया कर्मी के साथ दुर्व्यवहार किया था। घटना के बाद घरेलू विमानन कंपनियों ने उन पर बैन लगा दिया था। हालांकि, बाद में सांसद के माफी मांगने के बाद उन पर से प्रतिबंध हटा लिया गया था।
उस घटना के बाद से नो-फ्लाई लिस्ट की मांग शुरू हो गई थी। हाल ही में मुंबई के एक व्यापारी बिरजू किशोर को इस सूचि में शामिल किया गया। पिछले साल अक्टूबर में उसने जेट एयरवेज की फ्लाइट के दौरान फर्जी नोट लिखकर प्लेन हाइजैक होने की अफवाह उड़ाई थी। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि विमानन कंपनी का दिल्ली में ऑपरेशन कम हो जाए और उसमें कार्यरत उसकी गर्लफ्रेंड वापस मुंबई लौट आए। दोषी पाए जाने पर व्यापारी को नो-फ्लाई लिस्ट की तीसरी श्रेणी में डाला गया है।