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दुनिया का वो अजीबोगरीब गांव, जहां होती है जहरीले सांपों की खेती

Wed, 10 Jun 2020 12:24 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
फसल, फल और सब्जियों की खेती के बारे में आपने जरूर सुना होगा। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि चीन के एक गांव में सांपों की खेती की जाती है। जिसिकियाओ नाम के इस गांव के लोग सांपों की खेती पर निभर्र हैं। इस गांव का हर दूसरा शख्स इस काम से जुड़ा हुआ है। जिसिकियाओ में 30 लाख से ज्यादा जहरीले सांपों की वैरायटी पाई जाती है। इस फार्मिंग में किंग कोबरा, अजगर और जहरीले वाइपर समेत कई जहरीले सांप पाले जाते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
ये है सांप की खेती की वजह
यहां सांप की खेती उनके मांस और शरीर के अन्य अंगों के लिए की जाती है। सांप का मीट चीन में शौक से खाया जाता है। साथ ही सांपों के शरीर के अंगों का उपयोग दवाओं के निर्माण में भी होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यूं हुई शुरुआत
जिसिकियाओ गांव पूरे विश्व में स्नेक फार्मिंग के कारण जाना जाता है। हालांकि यहां पहले चाय, जूट और कपास की खेती होती थी, लेकिन आज यहां प्रमुख कार्य सांप की खेती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
फाइव स्टेप स्नेक से डरते हैं यहां के लोग
स्थानीय लोगों को जिस सांप से सबसे ज़्यादा डर लगता है वो है फाइव स्टेप स्नेक। इसका नाम फाइव स्टेप रखे जाने के पीछे भी बड़ी दिलचस्प कहानी है। आम लोगों का मानना है कि इस सांप के काटने के बाद इंसान महज पांच कदम चल पाता है और उसकी मौत हो जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यहां लकड़ी और शीशे के छोटे-छोटे बक्सों में सांप पाले जाते हैं। जब सांप के बच्चे अंडों से निकल कर बड़े हो जाते हैं तो उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए प्लास्टिक के थैलों का प्रयोग किया जाता है।

आखिर में सांप जब बड़े-बड़े हो जाते हैं तो फार्म हाउस से उन्हें बूचड़ खाने ले जाया जाता है, जहां सबसे पहले इनके जहर को निकाला जाता है और फिर इनका सर काट दिया जाता है। इसके बाद सांपों को काटकर उसका मीट निकालकर अलग रख लिया जाता है। चमड़े को अलग सुखाया जाता है। सांप के मीट से दवा और चमड़ों से बैग बनाए जाते हैं।
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