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Nuclear Bomb: महाभारत में हुआ था पहले परमाणु बम का इस्तेमाल, वैज्ञानिकों ने किया था ये चौंकाने वाला खुलासा

Tue, 07 May 2024 02:03 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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महाभारत में किया गया था पहले 'परमाणु अस्त्र' इस्तेमाल - फोटो : Istock
Nuclear Weapon: दुनिया में कई मौर्चों पर युद्ध चल रहा है। ज्यादातर मोर्चों पर चल रहे युद्ध में परोक्ष रूप से कई देश शामिल हैं। रूस और यूक्रेन के बीच दो साल से जंग चल रही है। इन दो देशों के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका समेत कई पश्चिमी देश परोक्ष रूप से शामिल हैं। इसके अलावा इस्राइल और आंतकी संगठन हमास के बीच भी युद्ध चल रहा है। इस जंग में भी अमेरिका और ईरान समेत कई देश परोक्ष रूप से शामिल हैं। वर्तमान समय में दुनिया दो गुटों में बंट चुकी है।
 
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई बार परमाणु हमले की धमकी दे चुके हैं। यह बम दुनिया के सबसे खतरनाक बमों से एक है। जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में दुनिया ने इस बम की विनाशलीला देख चुकी है। अगर किसी देश पर परमाणु फेंक दिया जाए, तो लाखों की आबादी एक झटके में खत्म हो जाएगी। 

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सबसे पहले परमाणु बम का इस्तेमाल किया था। अमेरिका ने 6 अगस्त, 1945 को जापान के हिरोशिमा शहर पर परमाणु बम गिराया गया था। इसके तीन दिन बाद 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर परमाणु बम से हमला किया था। इस परमाणु हमले के तुरंत बाद द्वितीय विश्व युद्ध खत्म हो गया। जापान ने मित्र राष्ट्रों के सामने समर्पण कर दिया। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि महाभारत काल में भी 'परमाणु बम' का इस्तेमाल किया गया था। वैज्ञानिकों को इस बात का सबूत मिल चुका है।
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महाभारत में किया गया था पहले 'परमाणु अस्त्र' इस्तेमाल - फोटो : Istock
वैज्ञानिक जूलियस रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने परमाणु बम का आविष्कार किया था। उन्होंने अपने एक शोध में इस बात खुलासा किया है कि महाभारत काल में परमाणु बम जैसे विनाशकारी हथियारों का इस्तेमाल किया जा चुका है। दरअसल, ओपेनहाइमर ने गीता और महाभारत का गहराई से अध्ययन के बाद यह बात कही थी।  
 
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महाभारत में किया गया था पहले 'परमाणु अस्त्र' इस्तेमाल - फोटो : Istock
रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने महाभारत में बताए गए ब्रह्मास्त्र की मारक क्षमता पर शोध किया था। उनके इस शोध मिशन का नाम ट्रिनिटी यानी त्रिदेव था। रॉबर्ट ओपेनहाइमर और अन्य वैज्ञानिकों की टीम ने ,साल 1939 से 1945 के बीच शोध किया था। इस शोध के बाद वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि महाभारत में जिस ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल किया गया था, वो वर्तमान समय के परमाणु हथियार के समान ही शक्तिशाली था। 

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महाभारत में किया गया था पहले 'परमाणु अस्त्र' इस्तेमाल - फोटो : Istock
पुणे के एक डॉक्टर व लेखक पद्माकर विष्णु वर्तक ने भी अपनी शोध में माना है कि महाभारत काल में इस्तेमाल किया गया ब्रह्मास्त्र परमाणु बम के समान ही था। डॉ. वर्तक ने अपनी किताब 'स्वयंभू', में इस बात का जिक्र किया है। रामायण और महाभारत काल में ब्रह्मास्त्र को सबसे खतरनाक हथियार माना जाता था। उस काल में कई योद्धाओं के पास ब्रह्मास्त्र थे। बताया जाता है कि जो व्यक्ति ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल करता था, उसके पास क्षमता होती था कि वह इसे वापस भी ले सकता था। लेकिन द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को ब्रह्मास्त्र कैसे वापस लेना है, यह तरीका याद नहीं था। इसकी वजह से ब्रह्मास्त्र के छूटने के बाद भयानक तबाही मची थी। 

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महाभारत में किया गया था पहले 'परमाणु अस्त्र' इस्तेमाल - फोटो : Istock
सिंधु घाटी सभ्यता पर कई शोध किए गए हैं। शोध के मुताबिक, हड़प्पा और मोहनजोदाड़ो में कई नर कंकाल मिले हैं, जिनसे जानकारी मिलती है कि उन्हें किसी भयंकर अस्त्र से मारा गया था। इसके साथ ही यहां पर कई ऐसे प्रमाण भी मिले हैं, जिनसे यह पता चलता है कि किसी काल में यहां अत्यधिक मात्रा में रेडिएशन उतपन्न हुआ था, जितना किसी परमाणु बम के विस्फोट के बाद होता है। 
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