प्रतीकात्मक तस्वीर
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क्यूबसैट का प्रोपल्शन सिस्टम अंदर मौजूद पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कणों को तोड़कर सैटेलाइट को आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा देने का काम करेगा। इसके साथ ही क्यूबसैट का सोलर पैनल भी सूरज की किरणों से एनर्जी लेकर प्रोपल्शन सिस्टम को ऊर्जा देने का काम करेगा, जिससे पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कण अलग हो सकेंगे।