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Damoh News: एमपी पुलिस ने दमोह के इस स्कूल में करवा दी अनिश्चित काल के लिए छुट्टी, बच्चों को लौटना पड़ा घर

Fri, 23 Jun 2023 05:33 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह के सेंट जॉन्स स्कूल के मुख्य द्वार पर गुरुवार रात को पुलिस ने रातोंरात बाउंड्री वॉल खड़ी करवा दी। शुक्रवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो मुख्य द्वार पर बाउंड्री वॉल मिली। इसके बाद स्कूल प्रबंधन को एक दिन की छुट्टी करनी पड़ी। 
 
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दमोह के स्कूल के मेन गेट पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी तो बच्चे परेशान हुए। - फोटो : अमर उजाला
दमोह के सेंट जॉन्स स्कूल के मुख्य द्वार पर पुलिस ने गुरुवार रात को बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी। शुक्रवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे, तो स्कूल के मुख्य द्वार का दरवाजा बंद मिला। स्कूल का एक और द्वार है, लेकिन वहां निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से उस रास्ते से स्कूल में प्रवेश नहीं हो सकता। शुक्रवार सुबह बच्चे स्कूल पहुंचे तो वहां हंगामा हो गया। काफी देर तक बच्चे और उनके माता-पिता परेशान होते रहे। स्कूल के कर्मचारियों ने स्कूल के अंदर जाने के लिए इंतजाम करने की कोशिश की, लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। तब स्कूल प्रबंधन ने अनिश्चित काल के लिए स्कूल में छुट्टी कर दी है। स्कूल की प्राचार्य का कहना है कि पुलिस ने बिना नोटिस दिए यह कार्रवाई की है।  

17 साल से यही था रास्ता, जिसे पुलिस ने रोका
दरअसल, यह स्कूल पुलिस कंट्रोल रूम के पास बना है। 2006 में यहां नई बिल्डिंग बनी थी तो खाली जगह पर ही मुख्य द्वार बन गया था। तभी से स्कूल खाली पड़ी जमीन को मुख्य द्वार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस आरआई हेमंत बरैया ने कहा कि जिस जमीन पर बाउंड्री वॉल बनी है, वह पुलिस विभाग की है। वहां पर पुलिस के आठ राजपत्रितअधिकारियों के क्वार्टर बन रहे हैं। इस वजह से ठेकेदार ने रात को बाउंड्री वॉल बनाई और पुलिस की जमीन को संरक्षित किया। 
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दमोह में इस तरह स्कूल के मेन गेट पर खड़ी कर दी बाउंड्री वॉल। - फोटो : अमर उजाला
प्राचार्य बोलीं- हमें नोटिस तक नहीं दिया
सेंट जॉन्स स्कूल की प्राचार्य सिस्टर सोफी ने कहा कि हम पिछले कई वर्षों से स्कूल का संचालन कर रहे हैं। नक्शे में यह मार्ग एप्रोच रोड के रूप में स्वीकृत है। पुलिस ने यहां काम शुरू किया और रास्ता ही बंद कर दिया। स्कूल में दो हजार 300 बच्चे पढ़ते हैं। दस साल पहले शासन ने ही इस रास्ते को बनवाया था। अब इस रास्ते को पुलिस ने बंद कर दिया है। अब मुझे समझ नहीं आ रहा कि बच्चे स्कूल कैसे आएंगे? पुलिस को कुछ बनाना था तो कम से कम हमें नोटिस दे देते। हमारा दूसरा द्वार भी बंद है। वहां निर्माण कार्य हो रहा है, जहां से हम बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दे सकते। शुक्रवार को जो बच्चे स्कूल पहुंचे, उन्हें अगली सूचना तक घर जाने को बोल दिया है।  

एसपी ने स्कूल प्रबंधन पर ही उठाए सवाल
दमोह के एसपी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि यह जमीन पुलिस विभाग की है। अब उसका इस्तेमाल क्या और कैसे करना है, यह तो हम ही तय करेंगे। स्कूल प्रबंधन को अपने गेट का इस्तेमाल करना चाहिए। इतने दिन से वह पुलिस की जमीन का इस्तेमाल कर रहा था। अभी तक जो चलता रहा, वह ठीक है लेकिन अब पुलिस विभाग को जमीन की आवश्यकता है। बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया है।  
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