हमारे ब्रह्मांड में ना जाने कितने ऐसे रहस्य हैं, जिनके ऊपर से अब तक पर्दा नहीं उठ सका है। प्रोफेसर मिचिओ काकू जो कि स्ट्रिंग थ्योरी के को-फाउंडर हैं, उनकी माने तो इस ब्रह्मांड में कुल 10 आयाम मौजूद हो सकते हैं। इन आयामों के बारे में हम ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं क्योंकि ये हमारी सामान्य बुद्धि से बहुत आगे की चीजें हैं।
इसी कड़ी में एक कॉन्सेप्ट आता है समानांतर ब्रह्मांड का। इस थ्योरी के मुताबिक हमारे यूनिवर्स की तरह इस जगत में और भी कई यूनिवर्स मौजूद हैं, जो बिल्कुल हमारे जैसे ही हैं। उनमें हम जैसे ही लोग रहते हैं। उनके ग्रह नक्षत्र तारे भी हमारे जैसे ही हैं। इसी वजह से उनको समानांतर ब्रह्मांड कहा जाता है। आज जिस मंडेला इफेक्ट की हम बात करने वाले हैं, उसका संबंध भी इसी समानांतर ब्रह्मांड से है। इसी सिलसिले में आज हम मंडेला इफेक्ट के रहस्यों के बारे में जानेंगे और इस बात का भी पता लगाएंगे कि आखिर इसका नाम साउथ अफ्रीका के महान राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के नाम पर क्यों पड़ा?