असम के टी गार्डेन का खूबसूरत नजारा
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आंकड़ों के मुताबिक, असम में हर साल 500 मिलियन किलोग्राम से अधिक चाय का उत्पादन होता है। यहां की चाय में सुबह की चाय में इस्तेमाल होने वाला विशेष इंग्रेडिएंट पाया जाता है। साल 1930 में सर विलियम मैककेचर ने सीटीसी तरीके (cut, tear, curl) का आविष्कार किया था। सीटीसी चाय की प्रोसेसिंग का एक तरीका है, जिसमें चाय की पत्तियां रोलर्स से गुजरती हैं। इन रोलर्स में तेज दांत होते हैं, जो पत्तियों को कुचलते हैं, और कर्ल करते हैं। ऐसा होने से वे छोटे, सख्त छर्रों में बदल जाते हैं, जो पैकिंग के लिए ठीक होते हैं।