Shukrayaan Mission: अतंरिक्ष के रहस्यों के जानने के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच होड़ मची है। अब स्पेस रेस में भारत भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) चांद, मंगल और सूरज के अध्ययन के लिए भेजे गए मिशन की सफलता के बाद अब शुक्र ग्रह के रहस्यों को जानने की तैयारी में जुटा है। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने पहले ही एलान कर दिया है कि भारत शुक्र ग्रह (Venus) के वायुमंडल और उसके एसिडिक व्यवहार को जानने के लिए मिशन भेजेगा। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद दुनिया भर में भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की तारीफ हुई है। भारत ने चांद के दक्षिणी हिस्से पर चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग कराकर इतिहास रच दिया। इसके बाद सूरज के रहस्यों को जानने के लिए भारत ने आदित्य L1 मिशन लॉन्च किया है।
इसरो के अध्यक्ष सोमनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में कहा कि शुक्र ग्रह का वायुमंडलीय दबाव धरती से 100 गुना अधिक है, लेकिन यह नहीं पता है कि इतने अधिक दबाव की वजह क्या है? शुक्र ग्रह के चारों तरफ एसिड से भरे बादलों की परत है। इसकी वजह से कोई अंतरिक्षयान शुक्र के वायुमंडल को पार करके उसकी सतह तक नहीं पहुंच सकता है। उनका कहना है कि सौर मंडल की उत्पत्ति कैसे हुई? इसकी जानकारी के लिए शुक्र का अध्ययन जरूरी है।