प्रतीकात्मक तस्वीर
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इंसानों को कैसा बचाया जा सकेगा
लेकिन, हर खगोलीय चट्टान का मिजाज अच्छा हो, ये नहीं कहा जा सकता। कई तो ऊटपटांग कक्षा में भी घूम रहे होते हैं। वो अचानक से आकर धरती से टकरा सकते हैं। ऐसे खतरों से इंसान को बचाने में एटलस जैसे सिस्टम काफी कारगर साबित हो सकते हैं।
एरिजोना यूनिवर्सिटी की एलेसांड्रा स्प्रिंगमैन कहती हैं कि अगर कोई उल्कापिंड रडार की पकड में आ जाता है, तो आप उससे धरती को खतरे का अनुमान लगा सकते हैं। ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारी धरती के वातावरण में प्रवेश के बाद वो कितना खतरनाक होगा। कोई भी क्षुद्र ग्रह जितना बडा और भारी होगा, उससे हमें उतना ही ज्यादा खतरा होगा। लेकिन, अगर कोई ऐसा धूमकेतु, उल्कापिंड या क्षुद्र ग्रह हो, जो हजारों-लाखों लोगों के लिए खतरा बनने वाला हो, तो क्या होगा? अगर इससे इतना कचरा धरती पर गिरने की आशंका हो कि पृथ्वी की जलवायु पर लंबे वक्त के लिए असर पडे, तो क्या होगा?