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महाभारत काल का खजाना! रथ, मुकुट, पवित्र कक्ष, शाही ताबूत और न जाने क्या-क्या मिला

Fri, 03 May 2019 06:23 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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treasure finds - फोटो : Archaeological Survey of India
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में जिले में आने वाले सनौली गांव में खुदाई के दौरान भारतीय पुरातत्व विभाग (आर्कियॉलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) (Archaeological Survey of India) को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां जमीन के नीचे 4000 साल पुराने पवित्र कक्ष, शाही ताबूत, दाल-चावल से भरे मटके, तलवारें, औजार, मुकुट और इंसानों के साथ दफनाई गई जानवरों की हड्डियां मिली हैं। 
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- फोटो : Archaeological Survey of India
पत्रकारों से बातचीत के दौरान एएसआई इंस्टिट्यूट ऑफ आर्कियॉलजी के डायरेक्टर डॉ. एस. के. मंजुल ने कहा कि एएसआई को सनौली में महाभारत काल के कई प्राचीनतम सभ्यताओं के अवशेष मिले हैं। यहां जनवरी 2018 में खुदाई शुरू की गई थी, जिसमें उन्हें दो रथ, शाही ताबूत, तलवारें, मुकुट, ढाल मिले थे, जिससे यह साबित हुआ था कि 2 हजार साल पहले योद्धाओं की लंबी फौज यहां रहा करती होगी।
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- फोटो : Archaeological Survey of India
डॉ. एस. के. मंजुल का कहना है कि इस बार हमें खुदाई में मिले अवशेष हड़प्पन सभ्यता से अलग मिले हैं। इसे देखकर ऐसा लगता है कि हाल ही में मिले अवशेष हड़प्पन सभ्यता के सबसे विकसित समय के हैं। इससे यह समझने में आसानी होगी कि यमुना और गंगा के किनारे कैसी संस्कृति होगी।  

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- फोटो : Archaeological Survey of India
डॉ. एस. के मंजुल ने बताया कि इस बार की खुदाई में हमें तांबे से बनी तलवारें, मुकुट, ढाल, रथ के अलावा चावल और उड़द दाल से भरे मटके मिले हैं। हमें खुदाई में मिले अवशेष हड़प्पन सभ्यता से अलग मिले हैं।
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- फोटो : Archaeological Survey of India
वहीं कब्रों के पास जंगली सूअर और नेवले के शव भी मिले हैं। इससे यह समझ में आता है कि जानवरों की बलि दिवंगत आत्माओं को दी गई होगी। फिलहाल एएसआई खुदाई में मिले अवशेषों का डीएनए, धातु शोधन और बोटानिकल एनालिसिस कर रही है। 
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- फोटो : Archaeological Survey of India
इसके अलावा खुदाई में जमीन के अंदर कुछ पवित्र कक्ष भी मिले हैं। इनके बारे में डॉ. एस. के मंजुल का कहना है कि उस वक्त मौत के बाद पवित्र कक्षों में शवों को रखकर अनुष्ठान किया जाता होगा।  
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- फोटो : Archaeological Survey of India
फिलहाल एएसआई खुदाई में मिले अवशेषों का डीएनए, धातु शोधन और बोटानिकल एनालिसिस कर रही है। डॉ. एस. के. मंजुल का मानना है कि एएसआई को अब तक मिली साइट्स में सनौली ऐसी जगह मिली है जहां सबसे ज्यादा कब्रें हैं।
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- फोटो : self
बता दें कि, सनौली में खुदाई के दौरान मिली चीजों को लेकर महाभारत काल से भी जोड़कर देखा जाता रहा है। यहां मिली कब्रों को महाभारत काल से भी जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि महाभारत काल (Mahabharata period) में पांडवों के मांगे 5 गांवों में बागपत भी शामिल था।
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