दुनिया में सांपों की जितनी नस्लें हैं, उतने ही तरह के जहर। किसी के काटने से तुरंत मौत हो जाती है। तो, किसी का जहर तड़पा कर मारता है। ज्यादातर सांप अपने विषैले दांतों से जहरबुझा हमला करते हैं। जब शिकार के बदन पर सांप के विषैले दांत घुस जाते हैं, तो जहर सीधे शिकार के खून में समा जाता है।
कुछेक सांप ऐसे भी होते हैं, जो थूक कर जहर फेंकते हैं। अफ्रीकी देश मोजांबिक में पाया जाने वाला स्पिटिंग कोब्रा ऐसा ही सांप है। अब सांप के जहर की इतनी वेराइटी है, तो जाहिर है, उनके फायदे भी कई तरह के होंगे। सांप के जहर से ऐसी दवाएं बनाई जाती हैं, जो दिल की बीमारियों से लड़ने में काम आती हैं।
टकास कहते हैं कि। 'सांप के जहर का दवाएं बनाने में इस्तेमाल, दूसरे कुदरती जहर के इस्तेमाल का रास्ता दिखाता है। खास तौर से हाई ब्लड प्रेशर से लड़ने में सांप के जहर से बनी दवाएं काफी इस्तेमाल हो रही हैं। दिल के दौरे और हार्ट फेल होने की स्थिति में भी सांप के जहर से बनी दवाएं बहुत कारगर हैं।' टकास बताते हैं कि, 'जराराका पिट वाइपर सांप के जहर से बनी दवाओं ने जितने इंसानों की जानें बचाई हैं, उतनी किसी और जानवर ने नहीं।'