खतरा: ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से पूरी दुनिया में गर्मी बढ़ रही है, जिसकी वजह से ग्लेशियर पिघल रह रहे हैं। तिब्बत में स्थित ग्लेशियर भी तेजी से पिघल रहे हैं। यहां पर 15 हजार साल पुराना वायरस मिला है, जो भारत, चीन और म्यांमार के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इन प्राचीन वायरस के संक्रमण का कोई इलाज नहीं है। पूरी दुनिया में पर्माफ्रॉस्ट पिघलने से प्राचीन जीव, वायरस, बैक्टीरिया जैसी चीजें बाहर आ रही हैं।
ग्लेशियरों और पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने की वजह से वूली राइनो (Woolly Rhino) से लेकर 40 हजार साल पुराने विशालकाय भेड़िये और 7.50 लाख साल पुराने बैक्टीरिया के निकलने की जानकारी मिली है। इनमें से कई मरे नहीं है। वैज्ञानिकों ने सदियों पुराने मॉस में लैब के अंदर वापस जीवन डाला है। यह बेहद छोटे हैं और 42 हजार साल पुराने राउडवॉर्म हैं।
वैज्ञानिकों ने हाल ही में तिब्बत के पठारों पर स्थित गुलिया आइस कैप के पास 15 हजार साल पुराना वायरस खोजा है। यह कई प्रजातियों के हैं, जिनकीं संख्या दर्जनों में है। ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजिस्ट झी-पिंग झॉन्ग ने यह इंसानों के लिए किसी भी वक्त खतरा पैदा कर सकते हैं।