फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: जल संरक्षण के लिए MIT के चार छात्रों ने बनाई SWIS, प्रोटो टाइप तैयार; ऐसे करेगा काम

Sat, 24 Aug 2024 01:56 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar News: जल संरक्षण के लिए MIT के चार छात्रों ने बनाई SWIS, प्रोटो टाइप तैयार; ऐसे करेगा काम
Bihar News: Four MIT students created SWIS for water conservation, prototype ready; this is how it will work
 
विज्ञापन
1 of 4
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने बनाया SWIS प्रोटो टाइप - फोटो : अमर उजाला
दुनिया भर के देशों में गहराते जल संकट को लेकर पानी का बेहतर प्रबंधन और संरक्षण करने के लिए सम्मेलन किए जा रहे हैं। इसी बीच MIT कॉलेज के मैकेनिकल इंजीनियर के छात्रों द्वारा SWIS नाम का एक प्रोटो टाइप प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए पानी का बेहतर संरक्षण ही नहीं बल्कि इसके होने वाले दुरुपयोग पर भी लगाम लग सकती है। खासकर वैसे क्षेत्र में जहां पानी की बेहद कम उपलब्धता है। इसको मुजफ्फरपुर MIT के दीपांशु, निर्भर राज, आर्यन सिंह और आनंद कुमार ने बनाया है।
 
 
विज्ञापन

2 of 4
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने बनाया SWIS प्रोटो टाइप - फोटो : अमर उजाला
MIT छात्रों का अनोखा प्रयोग करेगा पानी का प्रबंध
अक्सर पानी का उपयोग सभी क्षेत्र में किया जाता है। वहीं, सबसे ज्यादा कृषि क्षेत्र में फसलों के पटवन और पौधे को सींचने के लिए किया जाता हैं। किंतु इसमें पानी की न सिर्फ बरबादी होती है बल्कि जरूरत से ज्यादा पानी भूमि पर होने से इसकी उर्वरता पर भी असर पड़ता है। ऐसे में MIT यानी मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अंतिम वर्ष के मैकेनिकल इंजीनियर के छात्रों द्वारा SWIS नाम का एक प्रोटो टाइप डिजाइन बनाने का प्रयास किया गया है। इसका मकसद भूमि को सिंचित किया जाने के लिए इस्तेमाल पानी के दुरुपयोग को रोकने से है। सस्टेनेबल वाटर इरिगेशन सिस्टम (SWIS) नाम का यह प्रयोग आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
 
विज्ञापन

3 of 4
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने बनाया SWIS प्रोटो टाइप - फोटो : अमर उजाला
सिंचाई कार्य और पानी की जरूरत के हिसाब से बनाया गया SWIS प्रोटो टाइप
यह मॉडल मैकेनिकल इंजीनियर विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर इरफान हैदर की देख-रेख में बनाया गया है। इसमें लगे सेंसर न सिर्फ आवश्यकता से अधिक पानी के बहाव को रोक देगा बल्कि भूमि की नमी को देखते हुए पानी की सप्लाई भी रुक जाएगी। यानी भूमि को नमी के लिए जितने पानी जरूरत होगी उतना ही पानी मिलेगा, उसके बाद नहीं। इसके लिए SWIS प्रोटो टाइप प्रोजेक्ट में एक सेंसर और एड्रिनो डिवाइस लगाया गया है जो कि पानी की सप्लाई से लेकर पानी के बहाव को रोकने का काम करेगी। इससे खेतों में होने वाला पानी का प्रबंध बेहतर हो सकेगा और पानी को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
 
विज्ञापन

4 of 4
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने बनाया SWIS प्रोटो टाइप - फोटो : अमर उजाला
अभी यह सिर्फ प्रोटो टाइप है, इसके हैं बहुआयामी महत्व
प्रोफेसर इरफान हैदर ने बताया कि अभी यह एक प्रोटो टाइप प्रोजेक्ट है और इसका बहुआयामी महत्व है। यानी अभी यह प्रैक्टिकल रूप में सफल है और हमने छात्रों को इसको और भी बेहतर करने के लिए कहा है। इसमें लगे हुए सेंसर और एड्रिनो डिवाइस बेहद ही सुरक्षित हैं और टिकाऊ भी। सबसे अच्छा कि इसको प्रयोग में लाने के लिए बहाल ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता नहीं है। फिर इसे लैंड यानी भूमि के आकर के हिसाब से विकसित किया जा सकता है। यही नहीं बल्कि इसका उपयोग खासकर उन क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा जहां पानी की उपलब्धता कम है, किंतु खपत और बरबादी सबसे ज्यादा। जैसे कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का इलाका। जहां सिंचाई के लिए पानी का इस्तेमाल किया जाता तो है किंतु इसमें बर्बादी ज्यादा होती है। लेकिन SWIS एक बेहतर संदेश है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें