मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने बनाया SWIS प्रोटो टाइप
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अभी यह सिर्फ प्रोटो टाइप है, इसके हैं बहुआयामी महत्व
प्रोफेसर इरफान हैदर ने बताया कि अभी यह एक प्रोटो टाइप प्रोजेक्ट है और इसका बहुआयामी महत्व है। यानी अभी यह प्रैक्टिकल रूप में सफल है और हमने छात्रों को इसको और भी बेहतर करने के लिए कहा है। इसमें लगे हुए सेंसर और एड्रिनो डिवाइस बेहद ही सुरक्षित हैं और टिकाऊ भी। सबसे अच्छा कि इसको प्रयोग में लाने के लिए बहाल ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता नहीं है। फिर इसे लैंड यानी भूमि के आकर के हिसाब से विकसित किया जा सकता है। यही नहीं बल्कि इसका उपयोग खासकर उन क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा जहां पानी की उपलब्धता कम है, किंतु खपत और बरबादी सबसे ज्यादा। जैसे कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का इलाका। जहां सिंचाई के लिए पानी का इस्तेमाल किया जाता तो है किंतु इसमें बर्बादी ज्यादा होती है। लेकिन SWIS एक बेहतर संदेश है।