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Bihar News: छह देशों के तीर्थयात्री पहुंचे गयाजी मोक्षधाम, अपने पितरों के उद्धार के लिए किया पिंडदान

Mon, 30 Sep 2024 05:46 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

Bihar News: छह देशों के तीर्थयात्री पहुंचे गयाजी मोक्षधाम, अपने पितरों के उद्धार के लिए किया पिंडदान
Bihar News: Pilgrims from six countries reached Gayaji Mokshadham, performed Pinddaan
 
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गयाजी में श्राद्धकर्म करने पहुंचे विदेशी तीर्थयात्री - फोटो : अमर उजाला
भगवान विष्णु की नगरी मोक्ष धाम गयाजी में आयोजित हो रहे पितृपक्ष मेले में अफ्रिका और रूस समेत कई देशों के लोग पहुंचे। यहां उन्होंने सनातन परंपराओं के मुताबिक पूरे विधि-विधान से अपने पुरखों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना को लेकर पिंडदान, श्राद्धकर्म और तर्पण का कर्मकांड विष्णुपद के पास देवघाट पर किया। इसके पूर्व सभी विदेशी तीर्थयात्रियों ने विष्णुपद और देवघाट सहित मेला क्षेत्र का परिभ्रमण किया।
 
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गयाजी में श्राद्धकर्म करने पहुंचे विदेशी तीर्थयात्री - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, गया में 17 सितंबर से पितृपक्ष मेला चल रहा है, जो दो अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस अवधि में देश–विदेश के कोने–कोने से लाखों की संख्या में हिंदू सनातन धर्मावलंबी यहां आकर अपने पितरों को मोक्ष, उद्धार की कामना के साथ पिंडदान, तर्पण, कर्मकांड और श्राद्ध कार्य को पूरा कर रहे हैं। सोमवार को यूक्रेन, घाना, रूस, उज्बेकिस्तान, नाईजीरिया, साउथ अफ्रीका और जर्मनी से आए विदेशी तीर्थयात्री अपने पूर्वजों का पिंडदान, श्राद्धकर्म और तर्पण किया। सभी ने विष्णुपद मंदिर के पास देवघाट पर आचार्य लोकनाथ गौड़ के नेतृत्व में अपने पुरखों के उद्धार की कामना के साथ श्राद्धकर्म कर्मकांड किया।
 
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गयाजी में श्राद्धकर्म करने पहुंचे विदेशी तीर्थयात्री - फोटो : अमर उजाला
विदेशों में खासकर यूरोप में सनातन धर्म के प्रसार के लिए कार्य करने वाले लोकनाथ गौड़ के मार्गदर्शन में सभी विदेशी तीर्थयात्रियों ने पिंडदान कराया है। कर्मकांड के दौरान सभी विदेशी तीर्थयात्री भारतीय महिलाएं साड़ी पहने और सनातन धर्म के नियमों का पालन किया। वहीं, विदेशी तीर्थयात्री पिंडदान का अनुष्ठान पूरा कर काफी खुश दिखे।
 

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गयाजी में श्राद्धकर्म करने पहुंचे विदेशी तीर्थयात्री - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में आचार्य लोकनाथ गौड़ ने बताया कि सभी ईसाई धर्म को मानने वाले थे। गयाजी आए सभी विदेशी सनातन धर्म से प्रभावित होकर विदेशी तीर्थयात्रियों ने अपना नाम तक बदल लिया है। उसके बाद यहां किसी ने अपने पति, पिता, भाई, बहन और पत्नी समेत पुरखों का पिंडदान, श्राद्धकर्म और तर्पण का कार्य किया।
 
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गयाजी में श्राद्धकर्म करने पहुंचे विदेशी तीर्थयात्री - फोटो : अमर उजाला
साउथ अफ्रीका से आए विदेशी तीर्थयात्री ने बताया कि वह सनातन धर्म के बारे में जाना। उसमें पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करना भी है। यही कारण है कि उन्होंने वृंदावन से गया पहुंचकर अपनी बहन और पूर्वज का पिंडदान किया है।

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