भ्रमण करते विदेशी तीर्थयात्री
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जानकारी के मुताबिक, विदेश से कुल आठ की संख्या में तीर्थयात्री गयाजी आए हैं। सभी विदेशी तीर्थयात्री अलग-अलग अलग देश के हैं। गयाजी पहुंचने के बाद विदेशी तीर्थयात्रियों ने शनिवार की रात विष्णुपद, देवघाट और सीताकुंड परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बारिश होती रही, लेकिन बीच विदेशी तीर्थयात्री घूमते रहे।
बताया जा रहा है कि विदेशी तीर्थयात्रियों में महिलाएं साड़ी पहनी हुई थीं। वे माथे से आंचल को गिरने नहीं दे रहीं थीं। इस दौरान वे काफी उत्सुक और जिज्ञासु भी नजर आ रहीं थीं। बताया जा रहा है कि विदेशी तीर्थयात्रियों के समूह में रूस, यूक्रेन और अफ्रीका के लोग हैं, जो अपने पुरखों का पिंडदान करेंगे। सोमवार को विदेशी श्रद्धालु देवघाट पर पूर्वजों के निमित्त कर्मकांड करेंगे। इससे पहले वे रविवार को बोधगया जाएंगे और भगवान बुद्ध के दर्शन करेंगे। अगले दिन सोमवार को भगवान श्री हरि विष्णु के चरणों में नतमस्तक होंगे। इन विदेशी तीर्थयात्रियों के पूर्वजों का अर्पण तर्पण और श्राद्ध से जुड़े कर्मकांड को आचार्य लोकनाथ गौड़ कराएंगे। जबकि इनके पंडा गजाधर लाल धोकड़ी होंगे।