वियतनामी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता VinFast (विनफास्ट) भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में अपनी पहली भारतीय मैन्युफेक्चरिंग प्लांट (विनिर्माण सुविधा) खोलने के लिए तैयार है, जहां वह बैटरी बनाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले से जुड़े तीन लोगों ने यह जानकारी दी है।
एक व्यक्ति ने कहा, यह कंपनी थूथुकुडी शहर के प्लांट में ईवी के लिए बैटरी बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह वियतनाम से पार्ट्स में भेजकर वाहनों को असेंबल करने की उनकी पहले की घोषणा की गई योजना से अलग है।
टेस्ला और चीन की BYD जैसी कार निर्माताओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाली विनफास्ट ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दो लोगों ने कहा कि नए प्लांट के बारे में कंपनी द्वारा आगामी दिनों में घोषणा की उम्मीद है।
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VinFast Electric Car
- फोटो : VinFast
एक बयान में विनफास्ट ने बुधवार को कहा कि वह "उचित समय" पर अपनी योजनाओं की डिटेल्स का खुलासा करेगी।
तमिलनाडु सरकार के एक प्रवक्ता ने टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया।
मंगलवार को इस मामले से सीधे जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी और चौथे सूत्र ने बताया कि "थूथुकुडी में विनफास्ट कंपनी के कई अधिकारियों ने साइटों की जांच करने के लिए वहां का दौरा किया है।"
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VinFast Electric Car Plant
- फोटो : VinFast
रॉयटर्स ने सितंबर में रिपोर्ट किया था कि विनफास्ट ने भारत में बिक्री, कानूनी और बैक ऑफिस नौकरियों के लिए भर्ती शुरू कर दी थी, जो ऐसे "नौजवानों की तलाश में थी जो अलग सोचने, अलग करने और चुनौतियों का सामना करने की हिम्मत रखते हैं।"
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस निवेश का आकार कितना होगा या तमिलनाडु में विनफास्ट का कारखाना कब चालू होगा।
विनफास्ट ने अक्तूबर में कहा था कि वह भारत और इंडोनेशिया में असेंबली फैक्ट्रियां बनाएगी। जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 50,000 कार प्रति वर्ष और प्रारंभिक रूप से 200 मिलियन अमरीकी डॉलर तक का पूंजीगत व्यय होगा। इसने कहा कि उत्पादन 2026 में शुरू होगा।
विनफास्ट की सीईओ ले थि थु थुय ने अक्तूबर में रॉयटर्स को बताया, "इसके अलावा, विनफास्ट के संस्थापक के स्वामित्व वाली ईवी टैक्सी ऑपरेटर ग्रीन एसएम की भी भारत में स्थापना की योजना है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है।"
पहले सूत्र ने कहा, "विनफास्ट भारत में ई-स्कूटर और ई-कार दोनों लाने के लिए भी तैयार है।"
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई, जिसे एशिया का डेट्रॉइट कहा जाता है, और अन्य जिलों में पहले से ही कई ईवी कंपनियां मौजूद हैं। जिनमें कई भारतीय दोपहिया वाहन निर्माता के साथ-साथ चीन की BYD भी शामिल है।