नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने भारतीय कार निर्माताओं को आने वाले दशक के आखिर तक इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़े उछाल को देखते हुए अपनी महत्वाकांक्षा बढ़ाने का आह्वान किया है। कांत का कहना है कि वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसके बड़े हिस्से पर कब्जा जमाने के लिए भारतीय कार निर्माताओं को और ज्यादा महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखने की जरूरत है।
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Amitabh Kant
- फोटो : Social Media
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर के वाहन निर्माता इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में अपनी पकड़ बनाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय कार निर्माता भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और बिक्री की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कांत का ये आह्वान इसी महत्वाकांक्षा को और हवा देने का काम करेगा।
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Electric Car
- फोटो : Unsplash
नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने बताया कि वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में फिलहाल चीन टॉप पोजिशन पर है, उसके बाद अमेरिका का नंबर आता है। उन्होंने ये भी कहा कि चीनी कार निर्माता वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री का लगभग आधा हिस्सा कब्जा करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया X पर अपने पोस्ट में लिखा कि वैश्विक इलेक्ट्रिक कार बाजार में इस समय 18 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ BYD अग्रणी है। उसके बाद 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ Tesla का स्थान है। वहीं, भारतीय कार निर्माताओं की वैश्विक इलेक्ट्रिक कार बिक्री में मात्र 1 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जैसा कि उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा।
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Tata Nexon EV
- फोटो : For Reference Only
वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के कुछ आंकड़े साझा करते हुए, कांत ने लिखा कि भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में फिलहाल टाटा मोटर्स का 75 प्रतिशत हिस्सा है। उसके बाद SAIC के स्वामित्व वाली एमजी मोटर इंडिया का 13 प्रतिशत और घरेलू वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा का 5 प्रतिशत हिस्सा है।
Leapmotor Electric Car in Jinhua Car Plant
- फोटो : Leapmotor
कांत ने आगे कहा कि दुनिया इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बढ़ रही है और 2030 तक, प्योर इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। उन्होंने लिखा कि चीन में 65 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार की पहुंच होगी, जबकि यूरोप और अमेरिका में 60 फीसदी और 50 फीसदी बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की पहुंच होगी।