टेस्ला अगले साल जनवरी में ही भारत में लॉन्च हो सकती है। रिपोर्ट्स का दावा है कि दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी गांधीनगर में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात समिट 2024 के दौरान जनवरी में भारत में अपनी एंट्री का एलान कर सकती है। यह शिखर सम्मेलन राज्य में रुचि रखने वाले निवेशकों के वार्षिक वैश्विक सम्मेलन का 10वां संस्करण होगा। टेस्ला के सीईओ और संस्थापक एलन मस्क ईवी निर्माता के भारत में एंट्री की घोषणा करने के लिए मौजूद रह सकते हैं। राज्य के कई मीडिया संगठनों की रिपोर्टों के मुताबिक, ईवी निर्माता अपना मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए सरकार के साथ जमीन के लिए बातचीत के आखिरी चरण में है।
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Tesla Car Plant
- फोटो : सोशल मीडिया
टेस्ला ने पहले इशारा किया था कि इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान एलन मस्क से मुलाकात के बाद, वह भारत में निवेश की योजनाओं पर फिर से विचार कर रही है। भारत में उच्च आयात शुल्क के कारण टेस्ला ने लगभग एक साल पहले भारत में निवेश नहीं करने का फैसला किया था। और अब अमेरिका स्थित ईवी निर्माता के इस नजरिए में बदलाव देखा जा रहा है। हाल ही में, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी अमेरिका में टेस्ला के एक प्लांट का दौरा किया।
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Tesla Car Plant
- फोटो : Tesla
गुजरात समाचार और राज्य के अन्य मीडिया आउटलेट्स द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, टेस्ला के मैन्युफेक्चरिंग प्लांट की सानंद में लगने की संभावना है। यह वही जगह है जहां टाटा मोटर्स जैसे कार निर्माता मौजूद हैं। गुजरात में अन्य भारतीय कार निर्माताओं जैसे मारुति सुजुकी और एमजी मोटर के भी प्लांट हैं।
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Tesla Supercharger
- फोटो : Social Media
रिपोर्टों की मानें तो वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में टेस्ला के एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। ईवी निर्माता ने पहले कहा था कि वह इलेक्ट्रिक कारों के अलावा भारत में बैटरी मैन्युफेक्चरिंग प्लांट शुरू करने के लिए उत्सुक है। कार निर्माता ने यह भी संकेत दिया था कि वह इस साल के आखिर तक भारत में अपने विनिर्माण संयंत्र के लिए जगह को अंतिम रूप दे सकता है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित कई अन्य राज्य भी टेस्ला को निवेश के लिए आमंत्रित करने के लिए प्रयासरत हैं।
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Tesla Car
- फोटो : Tesla
रिपोर्टों के मुताबिक, टेस्ला गुजरात में सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को दूसरे देशों में निर्यात करने के लिए बंदरगाहों तक पहुंच के लिए भी नजर गड़ाए हुए है। सानंद जैसी जगहों से गुजरात में कांडला-मुंद्रा बंदरगाह की नजदीकी ईवी निर्माता की मदद कर सकती है। हालांकि सानंद को अभी तक टेस्ला के आगामी भारत विनिर्माण संयंत्र के लिए अंतिम रूप नहीं दिया गया है। लेकिन राज्य सरकार ने कथित तौर पर बेचाराजी और धोलेरा जैसी जगहों पर भी जमीन की पेशकश की है।
टेस्ला फिलहाल भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारें नहीं बेचती है, इसका मुख्य कारण ऊंचे आयात शुल्क हैं। हालांकि, एलन मस्क ने स्वीकार किया है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी टेक्नोलॉजी के लिए काफी संभावनाएं हैं। वैश्विक स्तर पर, टेस्ला कई बेहतरीन बिकने वाली इलेक्ट्रिक कारों की पेशकश करती है, जैसे Model 3, Model S, Model Y और Model X. उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत में भी टेस्ला की कारें देखने को मिलेंगी!