राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पर्यावरण के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच नोएडा पुलिस पेट्रोलिंग और अन्य ड्यूटी के लिए अपने बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना चाह रही है। नोएडा पुलिस ने स्थानीय अधिकारियों को 60 से ज्यादा वाहनों को नए मॉडल के साथ बदलने के लिए एक लिखित अनुरोध भेजा है, जिसमें उनकी खराब स्थिति का जिक्र किया गया है। विभाग अब तक इन वाहनों के रखरखाव पर 2 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुका है।
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UP 112
- फोटो : amar ujala
कमिश्नरेट के इस समय लगभग 400 वाहन हैं, जिनमें आपातकालीन 112 सर्विस वाले वाहन भी शामिल हैं। विभाग ने स्थानीय अधिकारियों से 66 वाहनों को बदलने का अनुरोध किया है जो खराब स्थिति में हैं। इसके साथ ही, मौजूदा बेड़े के अलावा राज्य सरकार से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की मांग की गई है।
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Electric Car
- फोटो : Unsplash
नोएडा के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मुताबिक, बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के प्रस्ताव पर संबंधित सरकारी निकायों के साथ चर्चा की गई है और उनकी मंजूरी का इंतजार है। नोएडा पुलिस प्रमुख ने कहा, "इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य हैं और एक जिम्मेदार पुलिस बल के रूप में हम निश्चित रूप से कार्बन फुटप्रिंट को नहीं छोड़ना चाहते हैं। ईवी का इस्तेमाल शहरी क्षेत्रों में गश्त के लिए किया जाएगा और अन्य ड्यूटी के लिए भी उपयुक्त हो सकता है।"
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UP 112
- फोटो : फाइल फोटो
इससे अलग, नोएडा पुलिस विभाग ने स्थानीय नोएडा प्राधिकरण के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को लगभग एक दशक पहले उनके द्वारा दिए गए वाहनों के बेड़े को बदलने के लिए भी लिखा है। रिप्लेसमेंट का यह अनुरोध कुल 66 वाहनों के लिए है जो आठ साल से ज्यादा पुराने हैं और उनमें से ज्यादातर ने लगभग दो लाख किलोमीटर की दूरी तय की है।
जिन वाहनों को रिप्लेसमेंट की जरूरत है उनमें टोयोटा इनोवा, मारुति जिप्सी और महिंद्रा बोलेरो शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि 2020 में कम से कम पांच वाहनों को चलाना बंद कर दिया गया, जबकि बाकी का इस्तेमाल पुलिस खराब स्थिति में कर रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, "कल्पना कीजिए कि पुरानी, डीजल इंजन वाली जिप्सियां नई इनोवा और फॉर्च्यूनर के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही हैं।"