2024 में भारत का हाईवे नेटवर्क और विस्तारित होगा, क्योंकि अगले 12 महीनों में कम से कम पांच नए एक्सप्रेसवे यातायात के लिए खोले जाने वाले हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पहले ही अगले साल तक बनने वाले नए एक्सप्रेसवे की संख्या सूचीबद्ध कर दी है। और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि उनमें से कुछ तो बहुत जल्द ही चालू हो जाएंगे। 2024 की गर्मियों तक, यानी लोकसभा चुनाव के आसपास के समय, कुछ प्रमुख एक्सप्रेसवे यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे। आइए देखते हैं 2024 तक बनकर तैयार होने वाले प्रमुख एक्सप्रेसवे की लिस्ट।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का बहुप्रतीक्षित सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, जो देश की राजधानी और व्यापारिक राजधानी को जोड़ता है। यह अगले साल तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। गडकरी के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे अगले साल फरवरी तक पूरी तरह से तैयार और चालू हो जाना चाहिए।
फिलहाल हरियाणा के सोहना और राजस्थान के दौसा के बीच का एक्सप्रेसवे का पहला खंड चालू है, जो लगभग 209 किलोमीटर लंबा है। 1,386 किलोमीटर की कुल दूरी के साथ, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित पांच राज्यों से होकर गुजरेगा। दिल्ली का सबसे छोटा खंड नौ किलोमीटर का है, जबकि अधिकांश एक्सप्रेसवे गुजरात में 423 किलोमीटर के हिस्से के साथ होगा।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी को 180 किलोमीटर कम कर देगा और पहले लगने वाले 24 घंटों की बजाय सिर्फ 12 घंटे का समय लेगा।
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Expressway
- फोटो : For Reference Only
बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू होने से पहले, भारत के दो और प्रमुख शहरों को एक नए एक्सप्रेसवे के जरिए जोड़ा जाएगा। 262 किलोमीटर लंबा बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे अगले साल किसी भी समय खुल सकता है, जैसा कि कुछ महीने पहले नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया था।
इस एक्सप्रेसवे को नेशनल एक्सप्रेसवे 7 या NE7 के नाम से भी जाना जाएगा। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 17,000 करोड़ रुपये की लागत से बना रहा है।
मंत्री के मुताबिक, दोनों शहरों के बीच की यात्रा का समय घटकर महज दो घंटे से थोड़ा ज्यादा रह जाएगा। और यह हवाई जहाज से यात्रा करने से भी तेज सफर का वादा करता है। हल्के वाहनों के लिए इस एक्सप्रेसवे की गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
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dwarka expressway
- फोटो : अमर उजाला
द्वारका एक्सप्रेसवे
प्रदूषण के कारण देरी के बाद, भारत का पहला एलिवेटेड अर्बन हाईवे अगले साल गर्मी शुरू होने से पहले खुलने वाला है। एक्सप्रेसवे लगभग तैयार है और इसमें कुछ आखिरी फाइन-ट्यूनिंग का काम चल रहा है।
29 किलोमीटर लंबा द्वारका एक्सप्रेसवे, जिसे नॉर्दन पेरिफेरल रोड के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली में द्वारका को हरियाणा के गुरुग्राम से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे एनएच-8 या दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर शिव-मूर्ति से शुरू होकर, द्वारका सेक्टर 21, गुरुग्राम सीमा और बसई से होते हुए खेरकी दौला टोल प्लाजा के पास खत्म होता है। एक्सप्रेसवे का लगभग 19 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा में और बाकी 10 किलोमीटर का हिस्सा दिल्ली में है।
यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक रूट प्रदान करेगा। और साथ ही एनएच-8 पर लगभग 50 प्रतिशत यातायात को कम करेगा।
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे
इस नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली से अमृतसर की यात्रा का समय घटकर सिर्फ चार घंटे रह जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को उम्मीद है कि 669 किलोमीटर लंबा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे अगले साल के आखिर तक चालू हो जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से कटरा तक की यात्रा को लगभग छह घंटे में पूरा करने का वादा करता है, क्योंकि दूरी 58 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे अमृतसर में स्वर्ण मंदिर, तरन तारन में गुरुद्वारा दरबार साहिब और कटरा में वैष्णो देवी जैसे कई धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा।
एक्सप्रेसवे का हवाई सर्वेक्षण करते नितिन गडकरी
- फोटो : सोशल मीडिया
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे के अंतिम चरण का निर्माण अब शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जल्द ही यातायात के लिए खुल जाएगा। इससे दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय घटकर तीन घंटे से भी कम हो जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आखिरी 20 किलोमीटर का हिस्सा राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर का निर्माण कर रहा है। जिसमें आरक्षित वन क्षेत्र को बायपास करने के लिए 340 मीटर का दाट काली टनल शामिल है।