एक हरित और टिकाऊ भविष्य के लिए, वित्त मंत्री ने हरित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन बनाने के लिए नवंबर 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणा को पूरा करने के लिए 2021-22 में व्यापक नेशनल हाइड्रोजन एनर्जी मिशन (राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा अभियान) को शुरू करने का प्रस्ताव रखा। केंद्र सरकार का यह एलान देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का मानना है कि हाइड्रोजन एनर्जी स्वच्छ और हरित ऊर्जा के तौर पर प्रदूषण कम करने में बहुत कारगर साबित होगी।
प्राकृतिक संसाधनों (नेचुरल रिसोर्सेस) के लगातार दोहन की वजह से यह एक दिन खत्म हो जाएंगे। इसके एक ठोस विकल्प के रूप में अक्षय ऊर्जा वक्त की मांग है। ऐसे में हाइड्रोजन एनर्जी की अहमियत हर बीतते हुए दिन के साथ बढ़ती जा रही है।
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thermal power plant
आम बजट 2021-22 में हाइड्रोजन एनर्जी मिशन का एलान किया गया है। देश का ऊर्जा क्षेत्र का प्रबंधन आज न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से अहम है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज हमारी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बिजली का ज्यादातर हिस्सा तापीय ऊर्जा संयंत्र (थर्मल एनर्जी प्लांट) में पैदा होता है। बिजली पैदा करने की यह प्रक्रिया पूरी तरह कोयले पर निर्भर है। ऐसे में हाइड्रोजन क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) का भंडार और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए भी यह काफी उम्मीदें जगाती है। इसलिए वित्त मंत्री ने देश के लिए हाइड्रोजन ऊर्जा अभियान की घोषणा की है। आखिर हाइड्रोजन एनर्जी इतनी खास क्यों है। जानें इसकी बड़ी बातें।
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ISRO Launched GSAT30 Satellite
- फोटो : ANI (File)
क्या होती है हाइड्रोजन ऊर्जा
हाइड्रोजन एक बहुत ही किफायती ईंधन है, लेकिन इससे भी खास बात यह है कि यह पूरी तरह क्लीन एनर्जी है। इसे वाहनों में ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे प्रदूषण भी नहीं होता है। हाइड्रोजन को जलाने पर वेस्टेज के रूप में सिर्फ पानी निकलता है। इस वजह से यह पूरी तरह से पॉल्यूशन फ्री मानी जाती है। इसकी उच्च ईंधन कारगरता की वजह से इसका इस्तेमाल अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण के लिए रॉकेट के ईंधन के रूप में होता है।
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Hydrogen Energy
- फोटो : iStock
हाइड्रोजन को बनाना और स्टोरेज कठिन
हाइड्रोजन के साथ सबसे बड़ी समस्या यह पेश आती है कि इसका उत्पादन मुश्किल है। इसके साथ-साथ इसको स्टोर करना भी थोड़ा मुश्किल है और खर्चीला सौदा है। हाइड्रोजन बहुत जल्दी प्रतिक्रिया देती है इसलिए यह तीव्र ज्वलनशील पदार्थ की श्रेणी में है।
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Hydrogen Energy
- फोटो : iStock
हाइड्रोजन प्लांट लगेगा
हरित ऊर्जा की दिशा में भारत की हाइड्रोजन प्लांट लगाने की योजना है जो हरित ऊर्जा स्रोतों से चलेंगे और पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर निर्भरता को कम करेंगे। हाइड्रोजन ऊर्जा को भविष्य की ऊर्जा माना जाता है। इस पर बड़े पैमाने पर रिसर्च किए जा रहे हैं।
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Hydrogen Energy
- फोटो : iStock
हाइड्रोजन की खासियतें
हाइड्रोजन कारें एक बार टैंक फुल होने पर 400 से 600 किलोमीटर तक चल सकती हैं।
दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियां भी अब हाइड्रोजन फ्यूल सेल चलित कारें बना रही हैं।
महज 7 मिनट में हाइड्रोजन कारों की टैंक फुल की जा सकती है। जबकि इलेक्ट्रिक कारों को फुल चार्ज करने में 12 घंटे से ज्यादा तक का समय लग जाता है।
एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ यानी विमान ईंधन) की हिस्सेदारी 40 फीसदी है। हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के विकल्प के रूप में अगर किफायती हाइड्रोजन एनर्जी का इस्तेमाल हो तो विमानन सेवाओं की लागत में भारी कमी आ सकती है।
अगले 5 साल में भारत का लक्ष्य
हाल में एलान हुआ था कि 6 साल में भारत अक्षय ऊर्जा स्थापित करने की क्षमता ढाई गुना बढ़ाएगा। यह मिशन भारत की स्थिति को बेहतर कर सकता है। हाइड्रोजन का उत्पादन घरेलू स्रोतों जैसे कि प्राकृतिक गैस, नाभिकीय ऊर्जा, बायोमास और सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे शाश्वत ऊर्जा स्रोतों से हो सकता है। ये क्षमताएं हाइड्रोजन को परिवहन और बिजली उत्पादन का एक आकर्षक विकल्प बनाती हैं। भारत का लक्ष्य है कि अगले 5 साल में देश में इस्तेमाल होने वाली कुल ऊर्जा में 43 फीसदी हिस्सेदारी अक्षय ऊर्जा की हो। इस लक्ष्य को हासिल करने में हाइड्रोजन एनर्जी अहम भूमिका निभा सकती है।