FAME-India योजना के दूसरे चरण के तहत इस साल 31 जनवरी तक खरीदी जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के लिए लगभग 212.31 करोड़ जारी किए गए हैं। इस बारे में संसद को सोमवार को जानकारी दी गई। इको फ्रेंडली व्हीकल्स (पर्यावरण के अनुकूल वाहनों) को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने 2015 में FAME (फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक) इंडिया योजना शुरू की थी। जानें क्या है यह योजना और आम लोगों को इसका क्या फायदा मिलेगा।
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electric bus jammu
- फोटो : अमर उजाला
भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारी उद्योग विभाग ने मिलियन-प्लस शहरों, स्मार्ट शहरों, राज्य / केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों और विशेष श्रेणी के राज्यों के शहरों से, परिचालन लागत के आधार पर इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के लिए प्रस्ताव पेश करने के लिए, एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया था।
उसके बाद, लगभग 15,000 ई-बसों की तैनाती के लिए 26 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों से 86 प्रस्ताव मिले।
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electric bus
जावड़ेकर ने बताया कि परियोजना कार्यान्वयन और मंजूरी समिति ने इंट्रा-सिटी ऑपरेशन के लिए 65 शहरों / राज्य परिवहन निगम को 5,565 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी दी है। समिति ने इंटरसिटी ऑपरेशन के लिए 600 इलेक्ट्रिक बसें और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी (अंतिम छोर तक गंतव्य को जोड़ने) के लिए 100 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा, '' फेम-इंडिया स्कीम के दूसरे चरण के तहत 31 जनवरी तक ई-बसों की खरीद के लिए लगभग 212.31 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
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electric bus
- फोटो : amar ujala
क्या है फेम योजना
केंद्र सरकार ने 2030 तक 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का महत्वाकांशी लक्ष्य रखा है। FAME (फेम) इंडिया योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के लिए नीतिगत ढांचा तैयार किया गया है। इस योजना के जरिए सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मांग बढ़ाने, चार्जिंग के बुनियादी ढांचे की स्थापना करना और टेक्नोलॉजी की मदद से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बेहतर बनाने का लक्ष्य तय किया है।
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India's first electric bus
फेम योजना के पहले चरण को दो वर्षों के लिए अप्रैल 2015 में लागू किया गया था। इसकी समयावधि को कई बार बढ़ाया गया और 31 मार्च 2019 में पहल चरण पूरा हुआ।
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JBM Auto Limited Electric Bus Eco-Life e9
- फोटो : JBM
फेम योजना के दूसरे चरण का लक्ष्य मुख्य तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना है। कुछ समय पहले केंद्र ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और हाइब्रिड वाहनों पर लगने वाले टैक्स को कम करने की बात कही है।
आईएसबीटी आगरा पर खड़ी इलेक्ट्रिक बस
- फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 फीसदी जीसएसटी और अन्य वाहनों पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है। फेम-2 योजना के तहत खास तौर से व्यावसायिक इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन, चार पहिया और निजी दो पहिया वाहनों की खरीद पर छूट दी जा रही है।