Helmet
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एक व्यक्ति एक हेलमेट
सीधी सी बात है, जैसे एक व्यक्ति के लिए एक फेस मास्क है, वैसे ही एक व्यक्ति के लिए एक हेलमेट। इससे आपका हेलमेट किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बच सकता है। दरअसल जरूरत पड़ने पर लोग किसी दूसरे व्यक्ति (दोस्त, साथी कर्मचारी या परिवार का सदस्य) से कार के मुकाबले दो-पहिया वाहन के इस्तेमाल की मांग ज्यादा करते हैं। छोटा सा उदाहरण, अगर ऑफिस में टाइम के दौरान आपके किसी जान पहचान के व्यक्ति को कोई काम याद आ जाए, तो वह किसी कार वाले दोस्त से मदद मांगने के बजाए आपसे कुछ समय के लिए बाइक या स्कूटर की मांग कर सकता है। वहीं, स्कूल या कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों में तो ये अक्सर होता है। लेकिन बाइक या स्कूटर के साथ आपको अपना हेलमेट भी देना पड़ता है। ऐसे में अब जब कोरोना तेजी से देश में बढ़ रहा है, तो किसी दूसरे व्यक्ति को अपना हेलमेट देना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि आपको नहीं पता कि सामने वाला व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं? या वह जिससे मिलने जा रहा है वो व्यक्ति संक्रमित है या नहीं? इसके अलावा आपको यह भी नहीं पता कि सामने वाला व्यक्ति आपके हेलमेट को जिन जगहों पर रखेगा वो जगह सही है या नहीं। इसलिए कोरोना काल में अपना हेलमेट किसी भी दूसरे व्यक्ति को न दें।