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क्या कोरोना की वजह से गाड़ियों पर मिलने वाला डिस्काउंट खत्म हो जाएगा?

Tue, 21 Jul 2020 10:48 AM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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Car Sales Report - फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस के कारण ऑटो सेक्टर को भारी नुकसान हुआ है। 50 दिनों के लॉकडाउन ने बिक्री को पहली बार नेगेटिव में पहुंचा दिया। लॉकडाउन के कारण न सिर्फ बिक्री बंद रही बल्कि प्रोडक्शन भी ठप रहा। हालांकि, 50 दिनों के बाद जब शोरूम खुले तो शुरुआती बिक्री ने थोड़ी राहत दी। वहीं, मई 2020 के मुकाबले जून 2020 में हुई ज्यादा बिक्री ने ऑटो इंडस्ट्री को काफी राहत दी। लेकिन कंपनियों का कहना है कि हालत अभी बहुत खराब हैं। इंडस्ट्री का कहना है कि आने वाले समय में अगर हालत सुधरे नहीं तो डिस्काउंट देना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में हम आपको ऑटो इंडस्ट्री की तीन सबसे बड़ी चुनौती और चिंता के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके बाद हम आपको बताएंगे कि गाड़ियों पर दिए जा रहे डिस्काउंट पर क्यों लग सकती है रोक। तो डालते हैं एक नजर,
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फाइल फोटो - फोटो : PTI

पहली चिंता- अभी और घटेगी बिक्री

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम- SIAM) का कहना है कि वित्तवर्ष-21 की पहली तिमाही में गाड़ियों की बिक्री और भी घट सकती है। सियाम के अनुमान के मुताबिक वित्तवर्ष 21 में कारों की बिक्री में 82 फीसदी की गिरावट और तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 91 फीसदी की गिरावट देखी जा सकती है।

सियाम का अनुमान है कि स्कूटर्स की बिक्री में 78 फीसदी और मोटरसाइकिलों की बिक्री 73 फीसदी घटेगी। वहीं, इस दौरान एसयूवी सेगमेंट में 70 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। गिरावट का सबसे ज्यादा असर कॉमर्शियल वाहनों पर पड़ेगा जहां वित्तवर्ष 2021 में इसकी बिक्री 85 फीसदी घटेगी। वहीं, इस दौरान पैसेंजर वाहनों की बिक्री में 78 फीसदी की गिरावट आ सकती है।

सियाम के अनुमान पर अगर भरोसा किया जाए तो वित्तवर्ष 2021 में भारतीय बाजार में होने वाली बिक्री में कुल 75 फीसदी की गिरावट आ सकती है।
 
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Bike Manufacturing Plant - फोटो : PTI

दूसरी चिंता- मौजूदा बिक्री में आई गिरावट


SIAM का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण ऑटो इंडस्ट्री तीन से चार साल पीछे चली गई है। इंडस्ट्री के मुताबिक वित्तवर्ष 2018-19 जैसे हालात तक पहुंचने में बाजार को तीन से चार साल लग जाएंगे। सभी कैटेगरी के वाहनों में 26 से 45 फीसदी तक की गिरावट आई है।

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फाइल फोटो - फोटो : PTI

तीसरी चिंता- प्री-ऑर्डर के बाद क्या होगा?


सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा का कहना है कि लॉकडाउन के बाद जो बिक्री हुई हैं, उनमें से एक बड़ा हिस्सा प्री-ऑर्डर का था। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इससे आने वाले समय में बिक्री घट सकती है।
 
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Parking - फोटो : Unsplash

डिस्काउंट देने में आ रही परेशानी का कारण


इंडस्ट्री का कहना है कि कोरोना से तो नुकसान हुआ ही है, लेकिन अब कोविड-19 को लेकर अपनाए जा रहे सुरक्षा प्रयासों के कारण खर्च और भी बढ़ गया है। ऐसे में अगर सरकार जीएसटी की दरों को 10 फीसदी तक नहीं घटाती है, तो डिस्काउंट देना मुश्किल हो जाएगा।
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