प्राणियों को वैभव और विलासितापूर्ण जीवन का सुख देने वाले ग्रह शुक्र 10 अप्रैल की सुबह 6 बजकर 26 मिनट पर मीन राशि की यात्रा समाप्त करके मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इनके मेष राशि में प्रवेश के साथ ही मंगल और शुक्र के मध्य परस्पर अन्योन्याश्रित योग का निर्माण होगा। यह योग तब तक प्रभावी रहेगा जब तक मंगल वृषभ राशि में विद्यमान रहेंगे मिथुन राशि में गोचर के साथ ही यह योग समाप्त हो जाएगा। इसीयोग के प्रभावस्वरूप मंगल और शुक्र की परस्पर शुभता में वृद्धि होगी और एक दूसरे की राशियों में गोचर करते हुए अच्छे फल प्रदान करेंगे। वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीच राशि तथा मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।