सुख, वैभव, भोग-विलास और प्रेम-रोमांस के कारक ग्रह बीते 13 अक्तूबर 2024 को सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर मंगल के स्वामित्व वाली राशि वृश्चिक में गोचर कर चुके हैं। शुक्रदेव इस राशि में 07 नवंबर तक रहेंगे, फिर इसके बाद गुरु के स्वामित्व वाली राशि धनु राशि में चले जाएंगे। रोमांस के कारक ग्रह शुक्र एक राशि में करीब 23 दिनों तक रहते हैं, फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर कर जाते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम-रोमांस, संपन्नता और लग्जरी चीजों का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक लाभकारी ग्रह माना जाता है। शुक्र ग्रह को वृषभ और तुला राशि का स्वामी माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में शुक्र अच्छी स्थिति में, शुभ भावों में और बलवान होते हैं व्यक्ति का जीवन खुशियों और भौतिक भोग-विलास के साथ बीतता है। शुक्र मीन राशि में उच्च के और कन्या राशि में नीच के होते हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर करने से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने के योग हैं।