Shani Vakri 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का समय-समय पर गोचर, वक्री और मार्गी होना जातकों के जीवन पर गहरा प्रभाव रहता है। ग्रहों के गोचर से कई तरह शुभ या फिर अशुभ योगों का निर्माण होता है। आपको बता दें सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह शनि 30 जून को वक्री होने जा रहे हैं। यहां वक्री होने का मतलब उल्टी चाल से होता है। शनिदेव 30 वर्षों बाद अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में रहते हुए वक्री होकर चलेंगे। शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद राशि परिवर्तन करते हैं। शनि की वक्री चाल चलने के कारण कुछ राशि के जातकों की किस्मत का अच्छा साथ मिलेगा। कार्यों में सफलता प्राप्ति के अच्छे योग हैं। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं भाग्यशाली राशियां।