महान पराक्रमी ग्रह पृथ्वीपुत्र मंगल 2 जून की सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। कर्क राशि इनकी नीच संज्ञक राशि है। इस राशि पर ये 20 जुलाई की शायं 6 बजकर 52 मिनट तक गोचर करेंगे, उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सभी ग्रहों में मंगल अकेले ऐसे ग्रह हैं जो नीचराशि पर गोचर करते समय कई बार नीच भंग योग का लाभ प्राप्त करते हैं क्योंकि, इस राशि के स्वामी चंद्रमा जैसे-जैसे केंद्र और त्रिकोण में गोचर करते हैं इनका नीचराशि योग भंग हो जाता है। अतः इनसे संबंधित अच्छे और बुरे दोनों तरह के फल जातक को प्राप्त होते हैं। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में ही नीचराशि तथा मकर राशि में उच्च राशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका विश्लेषण करते हैं।