guru ka rashi parivartan
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष में गुरु ग्रह का महत्व और राशि परिवर्तन का समय
बृहस्पति देव शिक्षा क्षेत्र, ज्ञान-विज्ञान, शोधपरक कार्य, प्रवचनकर्ता, धर्म तथा अध्यात्म से जुड़े क्षेत्र, बैंकिंग सेक्टर, लेखन, प्रकाशन तथा संपादन के कार्य में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। बृहस्पति अपनी नीच राशि मकर की यात्रा समाप्त करके 20 नवंबर की मध्य रात्रि 11 बजकर 17 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 13 अप्रैल 2022 तक गोचर करेंगे उसके बाद मीन राशि में चले जाएंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति का राशि परिवर्तन पृथ्वी वासियों पर सर्वाधिक असर कारक रहता है।