मई माह में सूर्य, बुध और शुक्र ग्रह संचरण करेंगे। इस महीने बुध और शुक्र दो बार अपनी राशियां बदलेंगे। बुध देव माह के पहले दिन शुक्र की राशि वृष में आएंगे, जहां राहु ग्रह पहले से ही विराजमान हैं। इस राशि में बुध देव 26 मई तक स्थित रहेंगे।
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सौरमंडल के ग्रह
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फिर 26 तारीख को बुधदेव एकबार फिर अपनी राशि बदलेंगे। ये वृष राशि से अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। इस राशि में बुध देव 3 जून 2021 तक स्थित रहेंगे। इस बीच 30 मई 2021 को बुध ग्रह मिथुन राशि में ही वक्री हो जाएंगे।
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ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह 2021
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ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह
ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह को एक तटस्थ ग्रह माना गया है। जिन जातकों की कुंडली में बुध कमजोर होते हैं वे स्वभाव से बहुत ही संकोची होते हैं। यह अपनी बात को सबके सामने नहीं रख पाते। वाणी से ये अक्सर कटु वचन बोलते हैं जिसकी वजह से अक्सर इनके कार्य बिगड़ जाते हैं।
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शुक्र का वृषभ राशि में गोचर 2021
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शुक्र का वृषभ राशि में गोचर
वहीं शुक्र देव मेष राशि की यात्रा समाप्त करके 4 मई को दोपहर 1 बजकर 23 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। इस राशि पर ये 28 मई की रात्रि 11 बजकर 57 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
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ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह
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ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्रदेव को लग्जरी लाइफ, मनोरंजन, फैशन, प्रेम, रोमांस आदि का कारक माना जाता है। वृष राशि के जातकों के लिए यह गोचर शानदार साबित हो सकता है।
सूर्य का वृष राशि में गोचर 2021
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सूर्य का वृष राशि में गोचर
समस्त ग्रहों के प्रधान सूर्य देव 14 मई 2021 को मेष राशि से वृष राशि में प्रवेश करेंगे। जहां बुध देव के साथ इनकी युति होगी। इस राशि में सूर्य देव 15 जून 2021 तक विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव को आत्मा, मान सम्मान, उच्च पद आदि का कारक माना गया है। वृष राशि में सूर्य का गोचर आपके दांपत्य जीवन और पार्टनरशिप को प्रभावित करेगा।