शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित किया जाता है। ये सूर्य और छाया के पुत्र हैं, सूर्यदेव की तरह इन्हें भी देव और ग्रह दोनों का दर्जा प्राप्त है। शनि को बहुत ही क्रूर माना जाता है लेकिन ये मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं और संतुलन स्थापित करते हैं। ये एक राशि से दूसरी राशि में बहुत ही धीमी गति से भ्रमण करते हैं इसलिए इन्हें शनैश्चर भी कहा जाता है। शनि की वक्र दृष्टि अनिष्टकारी मानी जाती है। इनकी अशुभ दृष्टि के कारण व्यक्ति को जीवन में धन और व्यापार संबंधित समस्याओं के साथ कई अन्य परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं जिन्हें शनिवार के दिन करने से आपके बिगड़े हुए कार्य भी बनने लगते हैं और सफलता प्राप्त होती हैं। तो चलिए जानते हैं उपाय।