ज्योतिष की गणना और पंचांग के अनुसार 26 अगस्त 2021, गुरुवार को भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को बुध ग्रह का कन्या राशि में प्रवेश होगा। बुध का कन्या राशि में गोचर 22 सितंबर 2021 तक रहेगा। इसके बाद तुला राशि में बुध का राशि परिवर्तन होगा। बुध ग्रह सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह होता है और इसीलिए इसे राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। इसके अलावा बुध ग्रह का सीधा संबंध वाणी, बुद्धि और संचार से जोड़कर देखा जाता है इसलिए स्वाभाविक है कि बुध गोचर का सीधा प्रभाव इस पर देखने को मिलेगा। अर्थात जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह शुभ स्थिति में होगा ऐसे जातकों की बुद्धि में विकास, वाणी में मधुरता और संचार क्षमता में वृद्धि देखने को मिल सकती है। वहीं इसके विपरीत जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह शुभ स्थिति में नही मौजूद है उन्हें वाणी, बुद्धि और संचार में कुछ परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। इसके अलावा एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि बुध ग्रह गणित, अनुसंधान, तर्कशास्त्र, व्यापार और शिक्षा पर भी शासन करता है, इसलिए छात्रों के लिए बुध ग्रह का गोचर बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। बुध को वाणी का कारक माना जाता है इसलिए बुध के गोचर से आपकी वाणी प्रभावित होती है। आइये जानते हैं बुध के कन्या राशि गोचर का रशियों पर प्रभाव।